: शुभमन गिल बने जनवरी माह का सर्वश्रेष्ठ पुरूष खिलाड़ी, आईसीसी का ऐलान
संन्यास के बारे में सोच रहे थे सचिन- गैरी कर्स्टन
`जब मैंने कोच के रूप में कार्यभार संभाला तो मेरे लिए सबसे जरूरी ये था कि टीम को एक ऐसे लीडरशिप की जरूरत है जो टीम को आगे ले जा सके. किसी भी कोच के लिए ये एक बड़ी चुनौती होती है, उस समय कई सारे लोग खुश नहीं थे और इसी वजह से हर एक को समझना काफी जरूरी था. उस दौरान सचिन को लगता था कि वो अपने करियर में आगे नहीं बढ़ पाएंगे और वो संन्यास के बारे में भी सोच रहे थे. मेरे लिए जरूरी था कि उनके पास जाऊं और उन्हें समझा सकूं, उन्हें ये एहसास दिलाऊं कि अभी भी वो भारत के लिए काफी कुछ कर सकते हैं.`alt="" width="600" height="360" />
धोनी में लीडरशिप क्वॉलिटी- गैरी कर्स्टन
भारतीय पूर्व कोच ने यू-ट्यूब पर धोनी के साथ अपने रिश्ते पर भी बात की और कहा कि, `कोई भी कोच चाहेगा कि खिलाड़ियों का ऐसा समूह लाया जाए तो खुद पर विश्वास करता है और टीम के लिए हर हाल में जीत चाहता हो. भारत एक कठिन जगह है जहाँ व्यक्तिगत सुपरस्टार के बारे में बहुत अधिक प्रचार किया जाता है और आप अक्सर अपनी व्यक्तिगत जरूरतों में खो जाते हैं.और धोनी इस बीच एक ऐसे क्रिकेटर थे जिनके अंदर मैंने लीडरशिप क्वालिटी देखी थी. इसके बाद मैंने और धोनी ने मिलकर एक मजबूत टीम बनानें की कोशिश की`. बता दें कि 2011 के वर्ल्ड कप के बाद गैरी कर्स्टन ने भारतीय टीम के लिए कोचिंग पद को छोड़ दिया था. 2011 विश्व कप के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराकर 28 साल के बाद दूसरी बार विश्व कप का खिताब जीतने में कामयाबी पाई थी. इसे भी पढ़ें:धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-united-front-protested-at-dahibari-colliery-regarding-outstanding-salary-payment/">धनबाद: बकाया वेतन भुगतान को लेकर संयुक्त मोर्चा ने दहीबाड़ी कोलियरी में किया प्रदर्शन
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