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सदर अस्पताल चाईबासा : दो साल से बेकार पड़ी है अल्ट्रासाउंड मशीन, मरीजों को परेशानी

 
  • बाहर से करना पड़ रहा मरीज को अल्ट्रासाउंड
  • गर्भवती महिलाओं सबसे अधिक परेशानी 
Chaibasa (Sukesh kumar) : सदर अस्पताल में पिछले दो वर्ष से अल्ट्रासाउंड मशीन बेकार पड़ी हुई है. डॉक्टर के नहीं होने से मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है. इसको लेकर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के पास पत्राचार किया जाता रहा है. लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है. अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ पेट संबंधी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मरीज को मजबूरन बाहर से ही अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है. जिसके लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है. बाहर में मनमाना शुल्क लिया जा रहा है. अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आने वाले बीपीएल कार्डधारियों को निशुल्क जांच होती थी. वहीं अन्य मरीज मात्र 350 रुपए भुगतान कर अल्ट्रासाउंड कर लेते थे. लेकिन अल्ट्रासाउंड बंद होने के कारण गरीब तबके के मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में विवश होकर जांच करवाना पड़ रहा है. जहां तीन गुना अधिक राशि वसूल की जा रही है.

अल्ट्रासाउंड करनेवाले डॉक्टर ही नहीं

वर्तमान में सदर अस्पताल परिसर में इमारतों का निर्माण हो रहा है. अस्पताल में इलाज करवाने के लिए आने वाले मरिज अनुमान लगा रहे हैं कि शायद निकट भविष्य में इलाज की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो पाएगी. चाईबासा के समाजसेवी राजाराम गुप्ता ने कहा कि सदर अस्पताल में पूरे जिले भर के ग्रामीण क्षेत्र से गरीब मरीज पहुंचते हैं. लेकिन उनका इलाज सही से नहीं होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. मरीज को मजबूरन बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने से अधिक पैसा देना पड़ रहा है. सदर अस्पताल प्रबंधन से मांग है कि अल्ट्रासाउंड मशीन तो है, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं हैं. इसकी स्थायी व्यवस्था की जाये. इसे भी पढ़ें – पंकज">https://lagatar.in/hearing-on-pankaj-mishras-bail-ed-asks-for-time-to-file-reply/">पंकज

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