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साहिबगंज : हवाई अड्डा बनने से रैयतों का होगा विस्थापन व पलायन- लोबिन हेंब्रम

 
Sahibganj : जिले के बोरियो प्रखंड में प्रस्तावित हवाई अड्डे का विरोध रैयतों ने करना शुरू कर दिया है. 27 अप्रैल को बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम के नेतृत्व में सुभाष चौक से समाहरणालय तक हाथ में तख्तियां थामे रैयतों ने धरना प्रदर्शन किया. धरना प्रदर्शन करते हुए रैयतों ने हेमंत सरकार विरोधी नारे भी लगाए. मौके पर लोबिन हेंब्रम ने पत्रकारों से कहा कि हवाई अड्डे का निर्माण प्रखंड के कैराशोल (पीर दरगाह), सिंहली, सिमल जोड़ी, तेतरिया और जबरदाहा मौजा के 300 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है. हवाई अड्डा बनने से उस मौजा के रैयतों का विस्थापन व पलायन होगा. जिससे रैयतों के समक्ष जीविका की समस्या भी उत्पन्न होगी. रैयत दर-दर की ठोकरें खाने को विवश होंगे. हवाई अड्डा नहीं बनकर जल, जंगल और जमीन कैसे बचे, इस पर विचार किया जाना जरूरी है? राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में डालने की कोशिश की जा रही है. विधायक ने कहा कि हवाई अड्डा व बंदरगाह निर्माण के नाम पर गांव को उजाड़ा जा रहा है. जमीन बचने से आदिवासी बचेंगे, जमीन नहीं बचने पर आदिवासियों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा. रैयत अपनी जान देंगे लेकिन हवाई अड्डे का निर्माण नहीं होने देंगे. रैयतों की मांग है कि राज्य सरकार इसे रद्द करे नहीं तो उग्र आंदोलन छेड़ दिया जाएगा. धरना के बाद विधायक के नेतृत्व में रैयतों का एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. धरना देने वालों में अजय हेंब्रम, सामू बास्की, मुखिया सुनील मुर् ,विजय मुर्मू, एंड्रियास किस्कू, अब्दुल जब्बार अंसारी, मनोज तांती, रंजीत मुर्मू, चार्ल्स मुर्मू, संझलि बेसरा, पीथो बेसरा समेत दर्जनों रैयत उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=620447&action=edit">यह

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