alt="" width="300" height="168" /> ईडी कस्टडी में पंकज मिश्रा (फ़ाइल फ़ोटो)[/caption] वहीं उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि जब पंकज मिश्रा रांची में न्यायिक हिरासत के तहत रिम्स के पेइंग वार्ड में बंद थे, तो नत्थन रजक के अवैध रूप से उनसे मिलने का मामला सामने आया था. पंकज मिश्रा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि हैं. ईडी ने पत्थर खनन घोटाले में मुख्य आरोपी के रूप में उन्हें गिरफ्तार कर चार्जशीट किया था. वहीं सूरज पंडित पंकज मिश्रा का निजी अटेंडेंट है जो हिरासत के दौरान अलग-अलग लोगों से बात करने के लिए अपना मोबाइल फोन पंकज मिश्रा को मुहैया कराया करता था. सूरज पंडित को 22 फरवरी को तलब किया गया है. [caption id="attachment_555507" align="alignnone" width="300"]
alt="" width="300" height="225" /> साहिबगंज विदेयुत अधीक्षण अभियंता का कार्यालय[/caption] गौरतलब है कि ईडी ने पीएमएलए कोर्ट में सबूत पेश किए हैं कि पंकज मिश्रा ने जांच को प्रभावित करने के लिए अनाधिकृत रूप से न्यायिक हिरासत के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया. लेकिन नत्थन रजक का पंकज मिश्रा से मिलना एजेंसी को थोड़ा असामान्य लगा. नत्थन रजक रांची के मूल रूप से निवासी हैं और उनका घर रिम्स से 2 किलोमीटर के पास स्थित है. इससे पहले वह पूर्व में विद्युत विभाग के सहायक अभियंता के पद पर रिम्स एरिया में भी तैनात थे. नत्थन रजक पहले कोडरमा जिले में अगस्त 2022 में कार्यपालक अभियंता पद पर तैनात थे. वो साहिबगंज जिले में 13 अगस्त 2022 से विद्युत अधीक्षण अभियंता पद पर तैनात है. यह">https://lagatar.in/sahibganj-deputy-commissioner-reviewed-the-works-of-the-education-department/">यह
भी पढ़ें : साहिबगंज : उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की [wpse_comments_template]

Leave a Comment