Sahibganj: बरहेट प्रखंड की चार व पाकुड़ जिले की सात लड़कियां ट्रैफिकिंग के माध्यम से बेंगलुरु ले जाया गया था. जहां पुलिस ने उन्हें बरामद किया. वहां सभी बालिका गृह में आवासित थी. झारखंड सरकार की पहल पर बाल कल्याण समिति के समन्वय से सभी लड़कियों को हवाई मार्ग से झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था की टीम रांची लेते आई. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी के नेतृत्व में गई टीम ने रांची से वापस साहिबगंज लाकर बाल कल्याण समिति के माध्यम से परिवार वालों को सौंप दिया. डीसी रामनिवास यादव ने 8 मई को उन बालिकाओं व उनके परिवार वालों से मिल विस्तृत जानकारी ली. डीसी ने कहा कि आप अच्छी शिक्षा लें सबों के लिए बेहतर कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी. निर्देश दिया कि इन बच्चों का काउंसलिंग किया जाए और जो भी व्यक्ति ट्रैफिकिंग में शामिल हो उसके बारे में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को जानकारी दें. सभी किशोरियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया. श्रम अधिकारी धीरेंद्र कुमार महतो ने आश्वस्त किया कि सभी बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण केंद्र में नामांकित करवा कर इन्हें उपयोगी प्रशिक्षण दिया जाएगा. मौके पर दिनेश शर्मा, सुधा कुमारी, छोटा बोलो पहाड़िया, महेश्वर मालतो आदि मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=630893&action=edit">यह
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