अनहोनी का डर
प्रशासन और विभाग की अनदेखी के कारण स्कूल का पूरा ढ़ांचा खंडहर बनता जा रहा है. कभी भी यहां कोई अनहोनी हो सकती है. छात्राएं और शिक्षिकाएं ऐसी अनहोनी की डर से सहमी रहती हैं. लेकिन विभाग की उदासीनता के आगे वो लाचार हैं.अब तक नहीं हुई मरम्मत
स्कूल की प्राचार्य बाहा मुनि मरांडी ने बताया कि साल 1984 में स्कूल के भवन का निर्माण हुआ था. उसके बाद से स्कूल को उसके हाल पर छोड़ दिया गया. अब तक साढ़े तीन दशकों में एक बार भी जर्जर होते स्कूल भवन की मरम्मत नहीं करवाई गई. जिसके कारण आज पूरा भवन ही कमज़ोर हो गया है. उन्होनें कहा कि इस दौरान कई बार विभाग के आला अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया गया. लेकिन सभी आवेदन विभाग के फ़ाइलों में ही धूल फांकते रहे.डीईओ से नये भवन निर्माण की मांग
खंडहर बनते स्कूल भवन से परेशान स्कूल प्रबंधन ने विभाग से एक बार फिर नए भवन की निर्माण की मांग की. 10 सितंबर को स्कूल की शिक्षिका सविता कुमारी ने जिला शिक्षा अधिकारी दुर्गानंद झा को एक ज्ञापन सौंपकर स्कूल भवन की हालत से अवगत कराया. और जल्द से जल्द नए भवन निर्माण के लिए ज़रूरी पहल करने का आग्रह किया. यह">https://lagatar.in/sahibganj-accused-of-injuring-by-hitting-with-hansua/">यहभी पढ़ें : साहिबगंज : हंसुआ से प्रहार कर घायल करने का आरोप [wpse_comments_template]











































































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