Subodh Singh Sahibganj : बरहेट प्रखंड के गोपलाडीह पंचायत की मुखिया सुनीता टुडू ने मनरेगा बीपीओ पर फर्ज़ी योजना पर डिजिटल हस्ताक्षर के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. सुनीता टुडू का कहना है कि चुपचाप तरीके से गोपालडीह गांव के नदी टोला में गार्डवाल की योजना तैयार कर दी गई. विभाग के जेई रविंद्र कुमार ने 2 लाख 90 हज़ार 944 रूपये का बिल भी पास कर अपने स्तर की सारी प्रक्रिया पूरी कर दी. सिर्फ मुखिया का हस्ताक्षर बाकी था. जिसके लिए मनेरगा बीपीओ बार-बार उनपर दबाव बना रहा है. जबकि योजना की कोई सूची उनको मुहैया नहीं करी गई.
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जमीन मालिक को ख़बर नहीं
गोपलाडीह निवासी चुंडा हेम्ब्रम के जमीन पर गार्डवाल का निर्माण होना है. जबकि चुंडा हेम्ब्रम को इसकी भनक तक नही है. चुंडा हेम्ब्रम का कहना है कि उनके सभी पुत्र बाहर में काम करते हैं. बिना उनकी मर्ज़ी के जमीन पर काम करने की अनुमति नहीं दे सकते. इसके बिना आदेश के ही खुदाई का काम शुरू कर दिया गया. मुखिया सुनीता टुडू और चुंडा हेम्ब्रम ने बरहेट बीडीओ सोमनाथ चटर्जी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है.जेई के दलीलों में दम नहीं
जेई रविंद्र कुमार का कहना है कि राशि की निकासी नहीं हुई. और 15 दिन पूर्व ही वो दूसरे पंचायत मे आ गये. जेई की दलीलों पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि बिल नंबर और वाउचर नंबर जेनरेट हो गया है. जबकि मनरेगा के नियमानुसार कार्य पूर्ण होने के बाद ही बिल बनता है. बिल और वाउचर बिना एमबी देखे नही बनता है.बीपीओ ने आरोप को बताया निराधार
मनरेगा बीपीओ रजनीश प्राथक का कहना है कि डिजिटल हस्ताक्षर के लिए लिए दबाव बनाने का आरोप बेबुनियाद है. किसी भी पंचायत के मुखिया को दबाव नही दिया जाता. बल्कि डिजिटल स्टांप मुखिया के पास ही रहता है और ही स्वंय आकर भुगतान करता है. यह">https://lagatar.in/sahibganj-dc-held-a-review-meeting-of-the-schemes-implemented-by-the-technical-department/">यहभी पढ़ें : साहिबगंज : डीसी ने की तकनीकी विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा बैठक [wpse_comments_template]
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