पारंपरिक हथियार लेकर दूसरे पक्ष पर हमला करने जा रहे छात्रों को समझाकर रोका
Sahibganj : उपायुक्त रामनिवास यादव की पहल पर साहिबगंज शहर में संभावित हिंसक घटना टल गई. हुआ यूं कि महाविद्यालय में पारा टीचर की आकलन परीक्षा चल रही थी. इस परीक्षा का जायजा लेने को उपायुक्त राम निवास यादव महाविद्यालय के मुख्य द्वार से जैसे ही पहुंचे उनका सामना आदिवासी छात्रावास के दर्जनों छात्रों से हो गया. लाठी-डंडे व पारंपरिक हथियारों से लैस ये छात्र शहर में मारपीट करने की मंशा से निकल रहे थे. उपायुक्त ने समय की नजाकत को भांप कर अपनी बातों में छात्रों को उलझा लिया और सदर अनुमंडल पदाधिकारी, नगर थाना प्रभारी के साथ छात्रों के हॉस्टल में प्रवेश कर गए. उपायुक्त ने छात्रों से पूरा वाकया पूछा.शराबियों को सबक सिखाने हथियार लेकर निकल रहे थे छात्र
हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि 29 जुलाई की रात कुछ लोग कॉलेज कैंपस में आकर शराब पी रहे थे. छात्रों ने शराबियों का विरोध किया और उन्हें हॉस्टल परिसर से बाहर निकाल दिया था. 30 जुलाई को हॉस्टल के कुछ छात्र जब मार्केट गए तो कुछ लोगों ने इनके साथ निर्माया सिनेमा हॉल के पास मारपीट करने की कोशिश की. वहां से लौटकर इन छात्रों ने घटना की सूचना हॉस्टल के छात्र को दी. इससे आक्रोशित होकर दर्जनों छात्र लाठी-डंडे को लेकर दूसरे पक्ष को सबक सिखाने शहर की ओर निकल रहे थे. सारा वायका समझने के बाद उपायुक्त रामनिवास यादव ने एसडीओ को शराबियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देकर छात्रों का आक्रोश शांत कराया. उपायुक्त ने थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर संतोष कुमार राहुल को को भी इस मामले को संजीदगी से निपटने का निर्देश दिया. इसके बाद छात्र शांत हुए और शहर में संभावित रक्तपात टल गया. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=714831&action=edit">यहभी पढ़ें: साहिबगंज : क्राइम कंट्रोल होगी पहली प्राथमिकता : एसपी [wpse_comments_template]
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