alt="" width="360" height="504" /> साहित्य कला संगम मंच का शुभारंभ[/caption] इसे भी पढ़ें- करंट">https://lagatar.in/15-lakh-compensation-will-be-given-to-the-families-of-three-brothers-and-sisters-killed-by-current-one-member-will-get-a-job/">करंट
से मारे गए तीन भाई-बहनों के परिजनों को मिलेगा 15 लाख मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी लोकगायक सदानंद सिंह यादव ने कई मंचों पर संस्थापकों द्वारा तानाशाह पूर्ण रवैये और साहित्य के गिरते स्तर पर अपनी चिंता व्यक्त की. सुनील बादल ने कहा कि समय की धारा के साथ साहित्य लेखन और लेखकों की सोच और लेखनी में काफ़ी परिवर्तन आया है. अब सोशल मीडिया और मनोरंजन प्रदान आधुनिक समाज अतुकान्त रचना और लघुकथा की तरफ बढ़ रहे हैं और प्रिंट मीडिया भी डिजिटल मीडिया में परिवर्तित हो गया है. डॉ. आकांक्षा चौधरी ने सभी प्रबुद्ध लेखकों का कलम और पुष्प से स्वागत किया और सिटी पैलेस होटल के संस्थापक विजय राजगड़िया को भी सम्मानित किया. रामगढ़ से आए राज रामगढी और डॉ. ममता मनीष सिन्हा ने कहा कि समय के साथ हमें परिवर्तन को स्वीकार करना चाहिए पर साहित्य का गिरता स्तर चिंतनीय है. डॉ. ममता मनीष ने मंच का बहुत सुंदर संचालन किया. चंद्रिका ठाकुर देशदीप जी ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि बड़े साहित्यकारों से गूढ़ बातें सीखकर साहित्यकारों को अपनी वास्तविकता बनाकर आगे बढ़ना चाहिए. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया. इसे भी पढ़ें- जमानत">https://lagatar.in/even-after-4-days-of-getting-bail-two-congress-mlas-are-still-in-jail-not-getting-bailer/">जमानत
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