Ranchi: खूंटी जिले के आदिवासी बहुल गांव में से एक रोड़ो की सहिया सलोमी गुड़िया ने मिसाल कायम किया है. यह गांव पोषण के मामले में काफी पिछड़ा हुआ था, लेकिन यहां की साहिया के प्रयास से लोगों को पोषण की जानकारी मिल रही है. गांव के लोगों ने यह समझा की दवा के बिना भी कुपोषण को दूर किया जा सकता है. इसे पढ़ें-चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-padmashree-jamuna-tudu-leaves-for-delhi-to-attend-presidents-farewell-ceremony/">चाकुलिया
: राष्ट्रपति की विदाई समारोह में शामिल होने दिल्ली रवाना हुईं पद्मश्री जमुना टुडू [caption id="attachment_364186" align="aligncenter" width="1280"]
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alt="" width="1280" height="960" /> समोमी गुड़िया का किचन गार्डन[/caption]
सड़क हादसे में ASI की यूपी में मौत
: राष्ट्रपति की विदाई समारोह में शामिल होने दिल्ली रवाना हुईं पद्मश्री जमुना टुडू [caption id="attachment_364186" align="aligncenter" width="1280"]
alt="" width="1280" height="960" /> समोमी गुड़िया का किचन गार्डन[/caption]
घर के पास किचन गार्डन बना दूर कर रही कुपोषण
सलोमी ने अपने घर के पास किचन गार्डन में बहुत सारे पोषण से भरपूर साग- सब्जी लगाया. जिन गर्भवती महिलाओं में एनिमिया की शिकायत थी उसे किचन गार्डन से पोषक साग-सब्जी देने के साथ खाने के लिए प्रोत्साहित करने का काम भी किया. जिसके फलस्वरूप गर्भवती महिलाओं के खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा में गुणात्मक सुधार देखा गया. सलोमी से प्रोत्साहित होकर गांव के लोगों ने अपने घर में भी किचन गार्डन लगाना शुरू कर दिया.अपने गांव में सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी हैं सलोमी
प्रारंभिक दौर में जब झारखंड में साहियाओं का चयन हो रहा था तो गांव में पढ़ी-लिखी होने और सामाजिक कामों में उसकी रुचि को देखते हुए सलोमी को सहिया के रूप में चयनित किया गया. तभी से गांव वासियों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति लगातार अपने कार्यों का निर्वहन करते आ रही हैं. इसे भी पढ़ें-हजारीबाग:">https://lagatar.in/hazaribagh-asi-dies-in-up-in-road-accident/">हजारीबाग:सड़क हादसे में ASI की यूपी में मौत
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