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हजारीबाग के सभी नौ बीइइओ के वेतन स्थगित, शिक्षक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

मीडिया में अपनी बात रखने पर मांगा गया स्पष्टीकरण सोशल मीडिया में अखबार की कटिंग डालने पर दो शिक्षकों को भी शो कॉज सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 का उल्लंघन : डीएसई Hazaribagh : जिला शिक्षा अधीक्षक संतोष गुप्ता ने हजारीबाग जिले के सभी नौ बीइइओ के वेतन को स्थगित कर दिया है. साथ ही शोकॉज पूछा है कि वह अपनी बातों को लेकर मीडिया में क्यों गए. डीएसई ने कहा है कि विभिन्न कारणों से बीइइओ का मई माह का वेतन स्थगित किया गया है. कई माह से बीइइओ का वेतन स्थगित नहीं है. ऐसे में मीडिया में एक बीइइओ के हवाले से यह खबर छपी है कि कई माह के वेतन स्थगित हैं और डीएसई मनमानी कर रहे हैं. इस मामले में सभी बीइइओ से दो दिनों के अंदर शोकॉज का जवाब मांगा गया है. वहीं वाट्सग्रुप में अखबार की कटिंग डालने के आरोप में कटकमसांडी स्थित मध्य विद्यालय पबरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद कुमार रंजन और कन्या मध्य विद्यालय दारू के सहायक शिक्षक धीरज कुमार से भी डीएसई ने स्पष्टीकरण मांगा है. इसे भी पढ़ें :लातेहार">https://lagatar.in/latehar-campaign-launched-against-social-evils-through-street-plays/">लातेहार

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जवाब दें नहीं तो होगी कार्रवाई- डीएसई

दरअसल अखबार में जिला शिक्षा स्थापना समिति के खिलाफ समाचार प्रकाशित करने की बात कहते हुए उसे वाट्सएप ग्रुप में डालने पर दोनों शिक्षकों से डीएसई ने कहा है कि यह सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 का उल्लंघन है. शैक्षिक परिवर्तन दल और परिवर्तन दल हजारीबाग के वाट्सएप ग्रुप में न्यूज कटिंग डालने पर तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है. डीएसई ने कहा है कि अगर निर्धारित अवधि तक जवाब नहीं दिया गया, तो यह मान लिया जाएगा कि शिक्षकों के पास कोई जवाब नहीं है. फिर एकतरफा विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसे भी पढ़ें :7">https://lagatar.in/smriti-cup-t20-cricket-tournament-starts-from-june-7/">7

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शिक्षक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

वहीं शिक्षकों से स्पष्टीकरण मामले में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मो. अतिकुज्जमा ने बयान जारी कर कहा है कि यह शिक्षकों को डराने का प्रयास है. कभी सरकारी काम में बाधा डालने का झूठा आरोप मढ़ कर, तो कभी न्यूज शेयर करने, तो अभी कार्यालय आने पर स्पष्टीकरण पूछ कर शिक्षकों को डराने, अपमानित करने व उनके मनोबल को तोड़ने का कार्य लगभग एक वर्ष से किया जा रहा है. पदाधिकारी को पता होना चाहिए कि शिक्षक साधारण नहीं होते, उनके गोद में सृजन और प्रलय दोनों पलते हैं. अगर इन प्रवृत्तियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो शिक्षक संघ आंदोलन को विवश होगा. [wpse_comments_template]

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