Ranchi : आदिवासी सेंगल अभियान के संयोजक सालखन मूर्मू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पांच सवाल पूछे हैं. इनका जवाब नहीं देने पर उनसे इस्तीफा देने की मांग की है. कहा है कि पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर डांडबुस गांव, ओड़िशा जाकर उनके सपनों को अपमानित किया है. क्योंकि झारखंड में संताली भाषा को ओलचिकी लिपि के साथ अभी तक राजभाषा का दर्जा नहीं दिया है. मारंग बुरू यानी पारसनाथ पहाड़ को भारत सरकार को 5.1.2023 को पत्र लिखकर जैनों के हाथों में बेचने का काम किया है. सरना धर्म कोड की जगह सरना आदिवासी धर्म कोड 11.11.2020 पारित करके बिना राज्यपाल के हस्ताक्षर के दिल्ली भेजा है. कुर्मी / महतो समुदाय को आदिवासी बनाने की अनुशंसा करके असली आदिवासियों के साथ गलत किया है. आदिवासी स्वशासन व्यवस्था में जनतांत्रिक और संवैधानिक सुधार लाने के बदले वंशानुगत नियुक्त माझी परगाना, मानकी मुंडा को प्रलोभन देकर वोट बैंक की सुविधा के लिए उनको भटकाने का काम करते हैं, क्यों ? सालखन मुर्मू ने कहा कि आदिवासी सेंगेल अभियान 30 जून को कोलकाता ब्रिगेड परेड ग्राउंड में विश्व सरना धर्म कोड जनसभा में इन मुद्दों को उठायेगा. इसे भी पढ़ें – विविधता">https://lagatar.in/unity-in-diversity-is-the-cornerstone-of-our-strength-and-progress-governor/">विविधता
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सालखन ने मुख्यमंत्री से पूछे पांच सवाल

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