उपचुनाव : खूब पसीना बहा रहीं सुनीता चौधरी, गांवों में घूम-घूमकर मांग रहीं वोट सालखन ने बताया कि वह मरांडी से मिले थे. मगर कोई विशेष बातचीत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि झामुमो और यूपीए ने तो आदिवासियों के लिए अब तक कुछ किया नहीं है. मरांग बुरू से लेकर हर चीज बेचने का ही काम किया है. न नियोजन नीति बनी और न ही स्थानीय नीति. तीन साल में प्रदेश सरकार केवल छलावा ही देती रही. इसलिए मरांडी से मांग की जाएगी कि आदिवासी-मूलवासी के एजेंडे को भाजपा अपने एजेंडे में शामिल करे. इसी से भाजपा और राज्य का भला होगा.
फिर मिलेंगे बाबूलाल से
सोमवार की सुबह सालखन मुर्मू फिर बाबूलाल मरांडी से मिलेंगे. इन सभी मुद्दों पर बात होगी. बतातें चलें कि पिछले कुछ महीनों से सालखन राज्य की हेमंत सरकार और झामुमो पर हमलावर हो चुके हैं. आए दिन सीएम और झामुमो परिवार पर हमले कर रहे हैं. धर्मांतरण, धर्म परिवर्तन कर चुके आदिवासियों को डी-लिस्टिंग करने, सरना धर्म कोड और पारसनाथ पर आदिवासियों के कब्जे की लड़ाई लड़ रहे हैं. लगातार आंदोलन कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें- सिमडेगा">https://lagatar.in/simdega-ranchi-visit-of-munda-kings-mlas-efforts-appreciated/">सिमडेगा: मुंडा राजाओं का राजधानी रांची भ्रमण, विधायक के प्रयास की सराहना

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