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रामगढ़: समेति निदेशक ने किया स्मार्ट फार्मिंग का निरीक्षण

 
Ramgarh: झारखंड राज्य समेति निदेशक सह राज्य मिशन निदेशक विकास कुमार ने हजारीबाग जिले के डाडी प्रखंड में आत्मा द्वारा संचालित केंद्र व राज्य योजना का निरीक्षण किया. रबोध पंचायत में विनोद कुमार ने खेत पर पहुंच कर स्मार्ट फार्मिंग का निरीक्षण किया. यहां पर जियो फैंसीग, मृदा जांच यंत्र, वेदर फोरकास्ट और एटोमेटिक सिंचाई प्रणाली को अपना कर आधुनिक खेती की जा रही है. कृषक विनोद कुमार के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वे हजारीबाग जिला के साथ-साथ राज्य के किसान के लिए एक मिसाल हैं. जरूरत है इस तकनीकी का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार हो ताकि अन्य किसान भी इसका लाभ ले सके. विनोद कुमार ने बताया कि समय-समय पर आत्मा के पदाधिकारी का दिशा निर्देश उनके लिए लाभदायक रहा है. उसके बाद एनएफएसएम के तहत प्रखंड के विभिन्न पंचायत में वितरित मूंगफली बीज के खेत का निरीक्षण किया. इस दौरान समेति निदेशक ने किसान को मुंगफली की आधुनिक खेती केसे करें, इसमें बेहतर प्रबंधन कर अधिक उपज को लेकर जानकारी किसानों को दी. उनके साथ समेति उपनिदेश अभिषेक तिर्की, आत्मा के परियोजना निदेशक विलसन आनंद कुजूर, उप परियोजना निर्देश रजनीश आनंद, बीटीएम धर्मेंद्र कुमार, एटीएम अनिल सिन्हा मौजूद थे.

जानिए क्या है स्मार्ट फार्मिंग

इसके तहत लोट-आधारित कृषि निगरानी प्रणाली को अपनाया जाता है, जो किसानों को अपनी फसलों पर पूर्ण नियंत्रण देती है. खाद्य सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने और लाभप्रदता को बढ़ावा देने में मदद करती है. साथ ही साथ मृदा सेंसर के खेत में होने से समय समय पर मिट्टी नमी की जानकारी किसान को मिलती रहती है और उसी अनुसार वे सिंचाई करते हैं. जिसका फायदा किसान को मिलता है. कम पानी में बेहतर प्रबंधन कर अधिक उपज ली जा सकती है. एटोमेटिक सिंचाई प्रणाली का भी इस्तेमाल इस फार्मिंग में किया गया है. मृदा की नमी को देखते हुए आप दिल्ली रहकर भी अपने खेत में मोबाइल के सहारे मोटर चालू कर खेत के विभिन्न हिस्सों में पानी पटा सकते हैं. यह पूरी फार्मिंग मोबाइल से संचालित होती है, जिसमे समय-समय पर खेत की खड़ी फसलों में होने वाली बीमारी की भी जानकारी देती है.

तकनीक किसानों तक पहुंचाएं

निरीक्षण के बाद भूमि संरक्षण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र डेमोटांड़ हजारीबाग में समीक्षात्मक बैठक हुई. जिसमें प्रखंड तकनीकी प्रबंधक एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक को प्रखंड स्तर पर लगातार भ्रमणशील रहकर संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया गया ताकि कृषकों में विभाग के प्रति विश्वास बढ़े एवं कृषि प्रसार को बल मिल सके. निदेशक समेति ने आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने प्रत्येक ग्राम में प्रगतिशील किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया. बैठक में परियोजना निदेशक आत्मा, उपपरियोजना निदेशक आत्मा, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक एवं सहायक तकनीकी प्रबंधकों द्वारा भाग लिया गया. इसे भी पढ़ें - Paris">https://lagatar.in/paris-vinesh-phogat-will-get-silver-hearing-in-cas-today-indian-lawyer-harish-salve-will-represent-ioa/">Paris

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