Hazaribagh: चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर में बालू लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक की पहचान सेल्हारा गांव निवासी महाबीर भोक्ता के पुत्र अनिल भोक्ता (17-18 वर्ष) के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर बुढ़ियाडाबर निवासी कैलाश यादव का बताया जा रहा है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर बालू लेकर जा रहा था. इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया. हादसे में चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अवैध बालू ढुलाई और कम उम्र के युवकों से भारी वाहन चलवाने के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में प्रतिदिन बालू लदे कई ट्रैक्टर सड़कों पर दौड़ते हैं, जिनमें से कई नाबालिगों द्वारा चलाए जाते हैं. इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई देती.
ग्रामीणों का आरोप है कि बालू परिवहन के नाम पर लंबे समय से नियमों की अनदेखी हो रही है. यदि समय रहते पुलिस, परिवहन विभाग और खनन विभाग द्वारा नियमित जांच अभियान चलाया जाता, तो शायद एक किशोर की जान बचाई जा सकती थी. लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई की बातें जरूर होती हैं, लेकिन रोकथाम के लिए ठोस कदम अक्सर नदारद रहते हैं.
घटना के बाद क्षेत्र में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर बालू ढुलाई में लगे वाहनों, चालकों की उम्र और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी किसकी है. लगातार हो रहे हादसे निगरानी व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस नाबालिग अनिल भोक्ता की इस हादसे में जान चली गई, उसके परिवार की जिम्मेदारी अब कौन उठाएगा? एक गरीब परिवार ने अपना बेटा खो दिया है. यदि वह नाबालिग था, तो उसे ट्रैक्टर चलाने की अनुमति किसने दी? क्या ट्रैक्टर मालिक, बालू कारोबार से जुड़े लोग और निगरानी करने वाले विभाग अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं? इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है.
फिलहाल चौपारण पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम एवं आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं ग्रामीणों ने अवैध बालू परिवहन, नाबालिग चालकों से वाहन चलवाने की प्रथा पर रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि अब भी सख्ती नहीं हुई, तो ऐसे हादसे भविष्य में भी किसी न किसी परिवार की खुशियां उजाड़ते रहेंगे.
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