Search

 
 
 

Saraikela :  65 हजार अयोग्य लाभुकों के लिस्ट से कटेंगे नाम, अवैध उठाव की वसूली व कानूनी कार्रवाई भी होगी

जिला प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन लेने वाले अयोग्य लाभुकों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. उपायुक्त नीतीश कुमार के निर्देश पर जिले में राशन कार्डों का व्यापक सत्यापन कराया जा रहा है. इस अभियान के तहत लगभग 65 हजार अयोग्य लाभुकों का नाम राशन सूची से हटाने की कार्रवाई जारी है.
 

Saraikela :   जिला प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन लेने वाले अयोग्य लाभुकों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. उपायुक्त नीतीश कुमार के निर्देश पर जिले में राशन कार्डों का व्यापक सत्यापन कराया जा रहा है. इस अभियान के तहत लगभग 65 हजार अयोग्य लाभुकों का नाम राशन सूची से हटाने की कार्रवाई जारी है.

 

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि गलत तरीके से सरकारी राशन का लाभ लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उसका कहना है कि अयोग्य लाभुकों के न सिर्फ सूची से नाम हटाए जाएंगे, बल्कि अब तक उठाए गए राशन की वसूली भी की जाएगी. साथ ही जरुरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

 

65 हजार अयोग्य लाभुकों के नाम हटाए जा रहे : पुष्कर सिंह मुंडा

इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा ने बताया कि अभियान के पहले चरण में 52,948 अयोग्य लाभुकों का नाम राशन सूची से हटाया जा चुका है. शेष लगभग 65 हजार अयोग्य लाभुकों को चिह्नित कर उनका नाम हटाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ यह अभियान चला रहा है, ताकि केवल वास्तविक और पात्र लाभुकों को ही सरकारी खाद्यान्न का लाभ मिल सके.

 

पुष्कर सिंह मुंडा ने बताया कि जिन लाभुकों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया जा रहा है. साथ ही चेतावनी दी है कि गलत तरीके से सरकारी राशन का लाभ लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

 

उन्होंने कहा कि  जांच में यदि यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति ने लंबे समय तक गलत तरीके से राशन का उठाव किया है, तो न सिर्फ सूची से उनके नाम हटाए जाएंगे, बल्कि अब तक उठाए गए राशन की वसूली भी की जाएगी. इसके अलावा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.


जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जिलावासियों से कहा है कि जो लोग स्वयं को राशन योजना के लिए अयोग्य मानते हैं, वे स्वेच्छा से आगे आकर अपना नाम राशन कार्ड से हटवा दें. इससे वे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई और वसूली की प्रक्रिया से बच सकते हैं. यदि विभागीय जांच में किसी व्यक्ति को अयोग्य पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

 

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गरीब, जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे. ऐसे में फर्जी और अयोग्य लाभुकों को हटाना आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रभावी और न्यायसंगत बन सके.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही