alt="" width="300" height="146" /> बच्चों को हाेमवर्क देते छात्र[/caption] पढ़ाई के दौरान सोते दिखा छात्र वर्ग 4-5 में शिक्षिका क्लास ले रही थी जबकि पीछे बैठें विद्यार्थी डेस्क पर माथा रखकर सो रहा था. जब बच्चे को यह पता चला कि उसकी तसवीर ली गई है तब वो जागा ओर अपना पुस्तक निकाला. विचारणीय यह है कि आखिर क्लास में शिक्षक रहने के बावजूद बच्चे को कैसे नींद लग गई. छठी से आठवीं के विद्यार्थियों को बेसिक ज्ञान भी नहीं है. खेल रहे बच्चों से पूछने पर झारखण्ड के मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं बता पाएं. अन्य सवालों पर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए उत्तर देने में असमर्थ रहे.बच्चों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि जब शिक्षक ही नहीं हैं तो भला पढ़ाई कैसे हो पाएगी. अभाव में बच्चे खुद शिक्षक बनकर पढ़ातें हैं कक्षा 1 में शिक्षक की अनुपस्थिति के बाद चतुर्थ वर्ग की दो बच्चियां बच्चों को पढ़ाते हुए ब्लैकबोर्ड में होम वर्क देंने लगे. जब उनसे पूछा गया कि आप क्लास क्यों ले रहें हैं तो कहा कि अभी शिक्षक का अभाव है. बच्चे काफी देर से हल्ला कर रहें थें जिन्हें शांत करने के लिए होम वर्क दे रही हूं. विभाग को कई बार सूचना दी पर कार्यवाही नहीं : अध्यक्ष एसएमसी अध्यक्ष विनोद पांडेय ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की काफी कमी है दो शिक्षक परीक्षा केंद्र में है जिससे थोड़ी परेशानी हो रही है. यहां पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विभाग से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है. पर्याप्त शिक्षक यहां होते तो नामांकित बच्चों की संख्या भी काफी बेहतर होती. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=607379&action=edit">यह
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