Ranchi : आदिवासी एकता महारैली में आदिवासियों के प्रतीक चिह्न से हुए खिलवाड़ को लेकर केंद्रीय सरना समिति के कचहरी के आरटीआई बिल्डिंग में एकदिवसीय बैठक आयोजित की गयी. अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष फुलचंद तिर्की ने कहा कि 4 फरवरी को आदिवासी एकता रैली में आदिवासियों के प्रतीक चिह्न का अपमान किया गया है. क्योंकि आदिवासी एकता रैली कांग्रेस पार्टी द्वारा बुलाई गयी थी. इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की, गीताश्री उरांव, प्रेमशाही मुंडा, लक्ष्मी नारायण मुंडा, अजय तिर्की और शिव कच्छप ने आदिवासी समाज के धार्मिक प्रतीक चिह्न सरना झंडा और पवित्र कडसा का उपयोग कर धार्मिक चिह्न के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है. सरना समाज धार्मिक अगुवा पहान, पड़हा राजा आदिवासी समाज के प्रतीक चिह्न पर विराजमान होते हैं. कांग्रेस के नेता बंधु तिर्की को घोड़ा पर बैठकर सरना समाज के धार्मिक परंपरा को तोड़कर पहान एवं पड़हा राजाओं का अपमान किया गया. इस पर कार्रवाई की जाएगी. इसे रोकने के लिए पहान औऱ पड़हा राजाओं का महा जुटान किया जाएगा.
रैली में सरना झंडा और पवित्र कडसा का हुआ अपमान : फुलचंद तिर्की
Last Updated: Feb 05, 2024 12:00 AM (IST)