Ranchi : झारखंड की राजधानी में प्रकृति पर्व सरहुल महोत्सव की तैयारियां हर्षोल्लास के साथ शुरू हो चुकी हैं. सरहुल के आगमन से पहले फांसी टुंगरी पहाड़ी मंदिर पर पारंपरिक सरना झंडा बदली कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सैकड़ों सरना धर्मावलंबियों ने इसमें हिस्सा लिया. ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई.
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alt="" width="600" height="400" /> इस क्रम में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के अगुवाई में भारी संख्या में सरना धर्मावलंबी पूजा स्थल पर एकत्र हुए. पहाड़ की चोटी पर पाहन ने विधिवत पूजा की और मानव कल्याण, जीव-जंतुओं, नदियों, पहाड़ों और प्रकृति की समृद्धि व शांति की कामना की. अजय तिर्की ने कहा कि फांसी टुंगरी पूर्वजों का पवित्र पूजा स्थल है.यहां पहले स्व बुधवा पाहन अनुष्ठान किया करते थे.उन्होंने सरना धर्म कोड की मांग करते हुए कहा कि इससे आदिवासी समाज को उनकी धार्मिक पहचान मिलेगी.
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