ढकनीचुआं प्रकृति से प्राप्त देवस्थल है
बैठक में कहा गया कि आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड की लड़ाई को तेज किया जाएगा. इसके साथ ही सिरासीता नाला, ढकनीचुंआ का विकास करने पर बल दिया जाएगा. क्योंकि यह स्थान आदिवासियों के लिए आस्था का केद्र बिंदु बन चुका है. यह स्थान प्रकृति से प्राप्त देवस्थल है. यहां सभी श्रदालुओं का मांगा हुआ सभी मन्नत पूरा होता है. मौके पर केद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, सरना प्रार्थना सभा के महासचिव जलेश्लर उरांव, बिरसा उरांव, पवन बारला, बिरसा कच्छप, गंदुरा उरांव, आनंद कुमार बेदिया, अर्जुन मांझी, बसंत भगत, विक्रम सिंह मुंडा व महादेव उरांव समेत अन्य मौजूद थे. इसे भी पढ़ें - सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-collegium-summoned-allahabad-high-court-judge-shekhar-yadav-had-said-that-country-will-run-only-according-to-majority/">सुप्रीमकोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज शेखर यादव को तलब किया, कहा था, बहुसंख्यकों के अनुसार ही देश चलेगा [wpse_comments_template]
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