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सरना धर्मावलंबियों ने बुढ़मू पुलिस पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का लगाया आरोप

 
चार दिन बाद थाना में बुलाई बैठक, मांगी माफी Basant Munda Ranchi : सरना धर्मावलंबियों ने बुढ़मू थाना की पुलिस पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पुलिस ने बिना जांच के ही उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. साथ ही उनके साथ मारपीट की. आरोप लगाया कि पीड़ित लोग तीन दिनों तक थाना के चक्कर लगाते रहे. लेकिन पुलिस टाल मटोल करती रही. उनका कहना है कि सामाजिक कार्यकर्ता और धार्मिक अगुवाओं की पहल पर प्रशासन ने आज बुधवार को थाना परिसर में बैठक बुलायी. दो घंटे तक चली बैठक के बाद बुढ़मु पुलिस ने अपनी गलती स्वीकार की.  हालांकि थाना प्रभारी रामजी कुमार का कहना है कि गाली-गलौज और मारपीट का आरोप सरासर गलत है. गुप्त सूचना के आधार पर हम वहां जानकारी लेने पहुंचे थे. लेकिन पुलिस को देखकर गांव में लोगों  की भीड़ जुटने लगी थी.

पीड़िता का आरोप-बिना जांच किये पुलिस ने अभद्र व्यवहार और मारपीट किया  

बुढ़मू थाना के बड़कामुरु गांव निवासी व पीड़ित सहदेव मुंडा ने बताया कि 16 जून (रविवार) को परिवार में शांति और खुशहाली बनी रहे, इसको लेकर भजन कीर्तन का आयोजन किया था. जिसमें सीता मुंडा, लक्ष्मण मुंडा, प्रीति उरांव, सोहराई उरांव, मिलि मुंडा, सुमित्रा मुंडा, शनिचरवा उरांव, बंधना उरांव और राजमुनी आये थे. लेकिन गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस को गलत जानकारी दी कि यहां धर्मांतरण कराया जा रहा है. सूचना पाकर पुलिस रात करीब आठ बजे वहां पहुंची और सभी लोगों से पहचान पत्र और आधार कार्ड मांगा. पुलिस को बताया भी कि सभी लोग घर में भजन-कीर्तन करने आये हैं. सरना झंडा भी दिखाया. लेकिन पुलिस ने बिना जांच के सरना धर्मावलंबियों से अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना को अंजाम दिया.

महिला सरना धर्मावलंबियों से  अभद्र व्यवहार का आरोप

भजन-कीर्तन कराने आयी महिलाओं का कहना है कि बुढ़मू पुलिस ने उनके साथ गलत किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सभी को गंदी-गंदी गालियां दी. देर रात महिलाओं को घर जाने के लिए कहा. पानी तक पीने नहीं दिया. बताने के बाद भी पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. वहीं पुरुषों से मारपीट की. महिला पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करने की भी धमकी दी.

सरना धर्म को मजबूत बनाने पर जोर दें :नारायण उरांव

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव ने कहा कि हमें सरना धर्म के प्रति जागरूक रहना है. यह हमारी आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ धर्म है. यह हमें पूर्वजों से मिला है. इसे हमें सुचारू रूप से चलाना है. लोगों के बहकावे में नहीं आना है. इसके लिए आदिवासी समाज एकजुट रहे और आदिवासी समाज के धर्म और संस्कृति को मजबूत बनायें. बारह पड़हा राजा सधन उरांव ने कहा कि सरना भजन कीर्तन पर आकर अभद्र व्यवहार करना और मारपीट करना आदिवासियों पर हमला है. इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मारपीट की घटना की जांच होनी चाहिए. दोषी थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च अधिकारियों से मिलेंगे और घटना की जानकारी देंगे. अगर इससे भी कुछ नहीं हुआ तो सीएम से मिलकर शिकायत करेंगे.

बैठक में ये हुए शामिल

केंद्रीय सरना समिति के नारायण उरांव, सघन उरांव, आदिवासी छात्र संघ के प्रखंड अध्यक्ष राजू उरांव, समाज सेवी बबलू उरांव, सामाजिक कार्यकर्ता सुका उरांव, धर्मेश उरांव, हेमंत मुंडा समेत सैंकड़ों आदिवासी समाज के लोग बैठक में शामिल हुए.
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