नोटबंदी में काला धन सफेद हो गया
मुख्य सचिव से सरयू राय ने कहा है कि पूजा सिंघल पर मनरेगा घोटाला का आरोप 2014 में पूर्ववर्ती सरकार बनने के पहले का है. 8 नवम्बर 2016 को नोटबंदी लागू हुई, तो पहले का काला धन लेन-देन में सफेद हो गया. 2017 में उन्हें उस समय की सरकार ने क्लीन चिट दे दी. अब प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हीं आरोपों में उन्हें पकड़ा है.फाइल में ही दफन है पूजा को क्लीन चिट देने का राज
सरयू ने कहा कि 2018 में पूजा सिंघल ने सरावगी नाम के बिल्डर से पल्स अस्पताल का अर्द्धनिर्मित भवन ख़रीदा, उसे पूरा बनाया, 2020 में कोविड का वहां इलाज चलने लगा. अब प्रवर्तन निदेशालय उनसे पल्स अस्पताल में निवेश का हिसाब मांग रहा है. निश्चित रूप से यह निवेश नोटबंदी लागू होने और 2020 के बीच का है. ऐसी स्थिति में पूजा सिंघल को क्लीन चिट देने का राज संबंधित फाइल में है. उन्होंने मुख्य सचिव से यह भी अपील की है कि उस फाइल में दफन राज की उन्हें अपने स्तर पर भी जांच करनी चाहिए. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-many-leaders-and-magnates-in-the-jugaad-to-go-to-rajya-sabha-from-bjp-some-put-bio-data-some-are-lobbying/">झारखंड: बीजेपी से राज्यसभा जाने की जुगाड़ में कई नेता और थैलीशाह, कुछ ने डाले बायोडाटा, कुछ करवा रहे पैरवी [wpse_comments_template]

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