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सरयू का नया खुलासा : RBI का सर्वर बंद होने के कारण बन्ना और 59 कर्मियों को कोविड प्रोत्साहन राशि का नहीं हो सका भुगतान

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  • मंत्री और कर्मियों के खाते में नहीं ट्रांसफर हो पाया पैसा और 1 अप्रैल को राशि हो गई लैप्स
  • सरकारी तिजोरी में चोरी करने का मंत्री बन्ना गुप्ता का प्रयास नहीं हो सका सफल
Ranchi : कोविड प्रोत्साहन राशि मामले में सरयू राय ने एक और खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने प्रोत्साहन राशि नहीं लेने की घोषणा मजबूरी में की है. वे चाह कर भी राशि नहीं ले सकते. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और उनके मंत्री कोषांग के अन्य 59 कर्मियों के कोविड प्रोत्साहन राशि का विपत्र स्वास्थ्य विभाग से सरकार के प्रोजेक्ट बिल्डिंग कोषागार में 31 मार्च 2022 को रात 9 बजे भुगतान करने के लिए पहुंचा. कोषागार ने भुगतान की स्वीकृति दे दी. यह भुगतान मंत्री एवं अन्य कर्मियों के बैंक खाता में भेजने के लिए वित्त विभाग के कंप्यूटराइज्ड पीएमयू (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) के पास चला गया, लेकिन मार्च लूट पर अंकुश लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने सख्त हिदायत दी थी कि रात 11 बजे के बाद वह कोई भी भुगतान करने की इजाज़त नहीं देगा और रिज़र्व बैंक ने अपना सर्वर 31 मार्च 2022 की रात 11 बजे बंद कर दिया.

बिलों की अधिकता के कारण झारखंड सरकार के PMU का सर्वर भी हो गया था स्लो

इस बीच राज्य भर से आने वाले बिलों की अधिकता के कारण झारखंड सरकार के पीएमयू पर बोझ बढ़ जाने के कारण उसका सर्वर धीमा हो गया और मंत्री एवं उनके कोषांग के कर्मियों का भुगतान पीएमयू का सर्वर रिजर्व बैंक के सर्वर में रात 11 बजे तक नहीं भेज पाया. रात के ठीक 11 बजे रिजर्व बैंक ने अपना लेन-देन सर्वर बंद कर दिया, जिस कारण प्रोत्साहन राशि का पैसा सरकार के कोषागार से मंत्री बन्ना गुप्ता और उनके कोषांग के अन्य कर्मियों के बैंक खाता में स्थानांतरित नहीं हो पाया और लैप्स हो गया.

सिर पटक कर रह जाएं बन्ना फिर भी नहीं खाते में पहुंचेगी राशि

सरयू राय ने कहा कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए बन्ना गुप्ता अब कह रहे हैं कि नैतिक आधार पर वे प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं लेंगे. चूंकि 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया और बन्ना गुप्ता एवं अन्य के बैंक खाते में स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी गई प्रोत्साहन राशि लैप्स हो गई. इसलिये बन्ना अब सिर पटक कर रह जाएं तब भी प्रोत्साहन राशि का यह पैसा उनके बैंक खाता में नहीं पहुंच पायेगा. इस प्रकार अपना पहले का आदेश रद्द करने की उनकी घोषणा भी लफ़्फ़ाज़ी है. उन्होंने प्रोत्साहन राशि लेने का जी- तोड़ प्रयास किया, उनके अधिकारी कोषागार कर्मियों के सामने नाक रगड़ते रह गये, लेकिन देर से विपत्र भेजे जाने, राज्य सरकार का सर्वर धीमा हो जाने, रात 11 बजे के बाद रिजर्व बैंक का सर्वर बंद हो जाने के कारण प्रोत्साहन राशि इनके बैंक खाता में नहीं जा पाई. 1 अप्रैल 2022 से वित्तीय वर्ष बदल जाने के कारण यह राशि लैप्स हो गई. सरकारी तिजोरी से चोरी करने की मंत्री जी का प्रयास कामयाब नहीं हो पाया.

बन्ना की गलतबयानी उन्हें सजा से नहीं दिला सकती छुटकारा

उन्होंने कहा कि भुगतान संबंधी सभी वित्तीय एवं विभागीय प्रक्रियाओं में स्वास्थ्य विभाग की संबंधित फाइल पर स्वास्थ्य मंत्री के नाते बन्ना गुप्ता के हस्ताक्षर हैं. प्रोत्साहन राशि के बिल भुगतान के लिए कोषागार भेजे जाने वाली स्वास्थ्य विभाग की फाइल पर भी उनके हस्ताक्षर हैं. इन्होंने इसे कंफर्म किया है. इसलिये इस मामले में उनका आपराधिक षड्यंत्र साबित हो जाता है. वे चाहकर भी इस वित्तीय अपराध से बच नहीं सकते. उनकी छटपटाहट और ग़लतबयानी उन्हें सजा से छुटकारा नहीं दिला सकती.

सबूतों को चाहकर भी नहीं मिटा सकते

सरयू ने आशंका जताई है कि एक षड्यंत्र ये लोग कर सकते हैं कि सरकार के वित्त विभाग पर दबाव बनाकर कोषागार से बिल की प्रतियां ग़ायब करायें. 14 अप्रैल को छुट्टी के दिन स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय खोलकर फाइल में छेड़छाड़ की नीयत से इन्होंने प्रयास किया है कि विभाग से राजकीय कोषागार में बिल भेजने के प्रमाण ये स्वास्थ्य विभाग की संचिका से ग़ायब करा दें. पर ऐसा करके वे एक और अक्षम्य अपराध कर रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग से प्रोत्साहन राशि के भुगतान के बिल प्रोजेक्ट बिल्डिंग कोषागार भेजने, कोषागार में बिल पास होने तथा भुगतान के लिए पीएमयू जाने के प्रमाण को ये चाहकर भी मिटा नहीं सकते. केवल कोषागार पदाधिकारी पर दबाव बनाने से यह संभव नहीं है. सरयू राय ने बन्ना गुप्ता को कैबिनेट से बर्खास्त करने और उनके खिलाफ एसीबी से जांच कराने की मांग की है. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/message-sent-to-bdo-co-by-creating-a-fake-whatsapp-account-in-the-name-of-ranchi-dc/">रांची

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