Ranchi News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने UPI लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान पर किसी तरह का नया शुल्क लगाया गया तो इसका सीधा असर आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा.
सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि सरकार ने लोगों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया. आज UPI रोजमर्रा के भुगतान का बड़ा माध्यम बन चुका है. ऐसे में अब UPI पर शुल्क लगाने की चर्चा समझ से परे है.
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उन्होंने कहा कि 2,000 तक के UPI भुगतान को शुल्क मुक्त रखने और इससे अधिक के Merchant UPI Transactions पर MDR लगाने की चर्चा है. अगर ऐसा होता है तो छोटे दुकानदारों और व्यापारियों का खर्च बढ़ेगा. इसका असर आगे सामान और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है.
उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि UPI पर शुल्क लगाने का वास्तविक प्रस्ताव क्या है और MDR किस तरह के लेन-देन पर लागू होगा. उन्होंने कहा कि 5,000 के लेन-देन पर 25 और 10,000 के लेन-देन पर 50 तक शुल्क लगाए जाने की खबरों पर भी सरकार को स्थिति साफ करनी चाहिए.
सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के बीच जनता पर कोई नया आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार से UPI पर किसी भी तरह का नया शुल्क नहीं लगाने की मांग की. कांग्रेस ने कहा कि वह जनता की जेब पर पड़ने वाले किसी भी अतिरिक्त बोझ का विरोध करेगी.
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