Correspondent Ghatshila (Jamshedpur): समाजसेवी संस्था कला मंदिर एवं कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन ने सोमवार को धालभूमगढ़ प्रखंड के पावड़ा नरसिंहगढ़ पंचायत के भैरवपुर गांव में बाल विवाह होने से रोक दिया. बताया जा रहा है कि 15 वर्षीय सबर लड़का ने 15 वर्षीय सबर लड़की को शादी की नीयत से पश्चिम बंगाल के बांस पहाड़ी गांव से भागाकर अपने घर भैरवपुर ले आया था. जब इसकी सूचना संस्था के प्रखंड समन्वयक लखन बेसरा को मिली तो उसके गांव जाकर आंगनबाड़ी सेविका और ग्रामीणों के साथ बैठक कर लड़का के माता-पिता एवं लड़की के माता-पिता को समझाया कि जब तक लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष नहीं होती है तब तक दोनों की शादी नहीं करवा सकते हैं और न ही पति-पत्नी के रूप में रह सकते हैं. इसके बाद लड़का पक्ष एवं लड़की पक्ष में समझौता हुआ कि जब लड़का 21 वर्ष और लड़की 18 वर्ष की होगी तभी दोनों की शादी कराएंगे. तब तक लड़की अपने माता-पिता के घर बांस पहाड़ी में रहेगी. लड़की को उसके माता-पिता के साथ घर भेज दिया गया.
कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन की मदद से बाल विवाह होने से बचाया
Last Updated: Jun 03, 2024 12:00 AM (IST)