Lagatar Desk-दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद बिहार में मोकामा से विधायकत अनंत सिंह ने कहा है कि वे एक दिसंबर तक सरेंडर कप देंगे. इसके साथ ही उन्होंने जदयू नेता नीरज कुमार पर इस मामले में साजिश रचने का आरोप लगाया है.
अनंत सिंह ने कहा, मैं अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दूंगा। मैं अदालत का सम्मान करता हूं, और वह जो भी फैसला लेगी, वह हमें मंजूर होगा. अदालत फिर से जमानत दे देगी। मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। मुझे पहले भी इस पर भरोसा था, और आज भी है."
अनंत सिंह अपने अंदाज में बोले, "जब यहाँ मेरी ज़मानत की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी, तो नीरज इस मामले को दिल्ली ले गया. मुझे कुछ महीनों बाद इस बारे में पता चला. जब मुझे इस रिपोर्ट का पता चला, तो मैंने चुनावों के दौरान खुलकर उसका विरोध किया. इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं थी, इन सबके पीछे सिर्फ नीरज कुमार था."
VIDEO | Patna, Bihar: On the Supreme Court directing him to surrender by December 1 in connection with the Dular Chand Yadav murder case, expelled JD(U) MLA Anant Singh, says, "I will surrender before the court. I respect the court, and whatever it decides will be acceptable to us. The court will grant bail again. I have faith in the judiciary. I had faith in it earlier, and I continue to have faith in it today. Neeraj Kumar had earlier implicated me in the Dularchand murder case, even though the incident took place three kilometres away from us. Later, when my bail proceedings here were almost finalised, Neeraj took the matter to Delhi. I came to know about this a few months later. When I received the report, I openly opposed him during the elections. Party had no role in this, only Neeraj Kumar was behind all this." #AnantSingh #BiharNews (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 30, 2026
चार महीने में जाच पूरी करें
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने शुक्रवार, 30 को सुनवाई के दौरान बिहार पुलिस को इस मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई चार महीने बाद के लिए तय की है.
यह निर्देश दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए. इस याचिका में पटना उच्च न्यायालय के 19 मार्च के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत अनंत सिंह को जमानत दी गई थी. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि सिंह को राहत देते समय उसके आपराधिक इतिहास, जिसमें कई आपराधिक मामलों में उसकी संलिप्तता शामिल है, पर उचित रूप से विचार नहीं किया गया था.
गौरतलब है कि एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार का विरोध करने और दलविरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टा से निष्कासित कर दिया है. इसके साथ ही संविधान के दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता के खिलाफ कार्रवाई की भी स्पीकर से सिफारिश की गई है.
एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार का विरोध करने और दलविरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टा से निष्कासित कर दिया है.