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विद्यालय की शिक्षा बुनियादी ज्ञान की है पाठशाला : राजेश्वर पांडेय

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- रेहला ज्ञानदीप कॉन्वेंट स्कूल में दसवीं के छात्र-छात्राओं को दी गयी विदाई - प्रीबोर्ड परीक्षा में टॉप 10 छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत Palamu :  रेहला ज्ञानदीप कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा दसवीं के छात्र-छात्राओं के लिए शनिवार को सम्मान सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर मां सरस्वती की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया गया. इसके बाद स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. खुशी चौबे ने "स्वागतम स्वागतम आपका, किस तरह से नमन करु मैं आपका" गाकर विद्यालय के छात्रछात्राओं सहित अतिथियों को भाव विभोर कर दिया. इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने प्री-बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स को सम्मानित किया गया. साथ ही सभी विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर उनके बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं. समारोह के बाद सभी ने सामूहिक भोजन किया.

उच्च शिक्षा का निर्णय छात्र-छात्राओं को खुद लेना होगा

समारोह में शिक्षाविद डॉ राजेश्वर पांडेय, स्कूल के संस्थापक अवध बिहारी पांडेय, अंतराष्ट्रीय हिंदी परिषद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार पाठक, युवा समाजसेवी राहुल दुबे, अंचल सीआई बलबीर सिंह, स्कूल की निर्देशिका सुनीता पांडेय और प्राचार्य सोफिया हयात मुख्य रूप से मौजूद रहीं. इनके अलावा सम्मान सह विदाई समारोह में कई लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के संस्थापक अवध बिहारी पांडेय व संचालन अंकित कुमार पांडेय ने किया. शिक्षाविद डॉ राजेश्वर पांडेय ने कहा कि विद्यालय की शिक्षा बुनियादी ज्ञान की पाठशाला है. अब यहां से जाने के बाद  छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा का निर्णय खुद लेना होगा. स्कूल में बच्चों को जो शिक्षा दी गयी, वह अनिवार्य थी. मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद सभी अपने ज्ञान, रुचि व कैरियर को केंद्र में रखकर आगे की शिक्षा हासिल करेंगे.

हर साल स्कूल के मैट्रिक परीक्षा परिणाम अच्छे होते हैं

संस्थापक अवध बिहारी पांडेय ने कहा कि यहां के छात्र-छात्राओं का यह दायित्व है कि आगे की पढ़ाई के लिए जिस शिक्षण संस्थान में जायें, वहां उनके व्यवहार व पढ़ाई का स्तर इतना बेहतर होना चाहिए कि संस्थान के लोग छात्रों के व्यवहार को देख पूर्व के संस्थान के बारे में जानने के लिए विवश हो सकें. उन्होंने कहा कि स्कूल की स्थापना 2004 में की गयी थी. इन 20 वर्षों में स्कूल ने हजारों बच्चों को कुशल शैक्षणिक माहौल देकर उन्हें मुकाम तक पहुंचाया है. हर साल स्कूल के मैट्रिक परीक्षा परिणाम अच्छे होते हैं. यह जिले में टॉप 5 पर रहता है. आगे भी यह क्रम बना रहे, इसके लिए शिक्षक पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं. प्राचार्य सुनीता पांडेय ने कहा कि शिक्षा एक क्रमबद्ध प्रक्रिया है. पुराने संस्थान को छोड़कर उच्च शिक्षा हेतु नए संस्थान में जाना होता है. इस कारण यह विदाई समारोह नहीं बल्कि यह छात्र-छात्राओं के नए भविष्य की ओर ले जाने का एक मार्ग है. [wpse_comments_template]  

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