चुनाव : JMM सुप्रीमो शिबू सोरेन से मिलने पहुंची CM आवास पहुंची NDA प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू
भौतिकी व रसायन के नोबल पुरस्कार से सम्मानित होने वाली पहली महिला वैज्ञानिक
उन्होंने कहा कि यह खोज चिकित्सा शास्त्र एवं कैंसर जैसे असाध्य रोग के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुआ. 1904 में भौतिकी तथा 1911 में रसायन शास्त्र के नोबल पुरस्कार से सम्मानित होने वाली वह पहली महिला वैज्ञानिक थीं. रेडियोधर्मिता की खोज के क्रम में रोज की कई घंटे शोध करने के कारण उनका शरीर रेडियशन से ग्रस्त गया. 4 जुलाई 1934 में 66 वर्ष की उम्र में मैडम क्यूरी का निधन फ्रांस के एक अस्पताल में हो गया.डॉ. कन्हाई बारिक ने भी मैडम क्यूरी की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला
डॉ. चौधरी ने कहा कि मैडम क्यूरी बहुत ही दयावान महिला थीं. अपनी खोज का इस्तेमाल वह सभी लोगों के हित के लिये करना चाहतीं थीं. नोबल पुरस्कार से प्राप्त धन को उन्होंने सार्वजनिक कार्यों के लिये दान कर दिया था. उनकी दो पुत्री थीं बाद में उन दोनों को भी नोबल पुरस्कार मिला. भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. कन्हाई बारिक ने भी उनकी जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला.यह थे उपस्थित
[caption id="attachment_348315" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="274" /> कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक व छात्र-छात्राएं.[/caption] कार्यक्रम का संचालन बनौली बिषई व इशिका अग्रवाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन मुकेश कुमार ने किया. इस मौके पर डा. पीके गुप्ता, प्रो. इंदल पासवान, प्रो. महेश्वर प्रमाणिक, डा. संदीप चंद्रा, डा. एसपी सिंह, प्रो. राम विनय कुमार श्याम, प्रो. एनआर महतो, प्रो. अर्चना सुरीन, डेजी सेवा, मो. शाहिद, मल्लिका शर्मा के अलावा काफी संख्या में भौतिक विज्ञान विभाग के छात्र उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-neighbor-shot-a-young-man-in-kitadih/">जमशेदपुर:
कीताडीह में पड़ोसी ने युवक को गोली मारी [wpse_comments_template]

Leave a Comment