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SC का फैसला, धारावी रिडेवलेपमेंट प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जारी रहेगा.. UAE की कंपनी की याचिका खारिज

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने धारावी रिडेवलेपमेंट प्रोजेक्ट (DRP) के लिए जारी निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. UAE की कंपनी सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प ने रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा अडानी ग्रुप के पक्ष में दिये गये फैसले को पलटने से भी मना कर दिया. बता दें कि सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प (UAE की कंपनी) ने इस प्रोजेक्ट को अडानी प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी. CJI संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला उचित था, क्योंकि रेलवे लाइन का भी विकास कर परियोजना में शामिल किया जायेगा.

बॉम्बे हाईकोर्ट के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

बॉम्बे हाईकोर्ट के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सेकलिंक अडानी ग्रुप का टेंडर रद्द करने की मांग कर रही है. बता दें कि धारावी रिडेवलेपमेंट प्रोजेक्ट एशिया का सबसे बड़ा शहरी पुनर्वास कार्यक्रम करार दिया जा रहा है. मामला यह है कि UAE की कंपनी सेकलिंक ने 7,200 करोड़ रुपए की बोली लगाकर प्रोजेक्ट हासिल किया था. लेकिन बाद में महाराष्ट्र सरकार ने 2019 और 2022 के बीच आर्थिक हालात का हवाला देते हुए टेंडर रद्द कर दिया.

2022 में ही नया टेंडर जारी हुआ, अडानी ग्रुप ने प्रोजेक्ट हासिल करने में बाजी मार ली

2022 में ही नया टेंडर जारी हुआ, इस बार अडानी ग्रुप ने प्रोजेक्ट हासिल करने में बाजी मार ली. सेकलिंक इसके खिलाफ हाईकोर्ट चली गया. बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिसंबर, 2024 में सेकलिंक की 2019 की बोली रद्द करने और 2022 में एक नया टेंडर जारी करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर मुहर लगी दी. सेकलिंक ने 2022 में 8,640 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी जबकि अडानी ग्रुप ने 5,069 करोड़ रुपए की पेशकश कर प्रोजेक्ट हासिल कर लिया.

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अडानी प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी किया  

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अडानी प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी किया है. मामले की  सुनवाई अब 25 मई को होगी. सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज की कहना था कि उसने 2019 में धारावी पुनर्विकास के लिए 7,200 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने रद्द कर दिया. कहा कि 2022 में नया टेंडर जारी कर अडानी समूह को दिया गया. सेक्लिंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, वह अपनी बोली   20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए तैयार है. हर खबर के लिए हमें फॉलो करें
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