एम्बुलेंस चालकों की मनमानी पर रोक लगाने में रिम्स प्रबंधन नाकाम
मरीज लंबी प्रक्रिया से बचने के नाम पर इनके चक्कर में भी फंस जाते हैं. बता दें कि रिम्स प्रबंधन ने इनपर कई बार रोक लगाने की कोशिश भी कि है पर अब तक इनको रोका नहीं जा सका है. रिम्स में करीब 150 से अधिक अवैध एंबुलेंस हर रोज लगते हैं और मरीजों से मनमाना पैसा वसूलते हैं. बता दें कि अधिकतर गाड़ियों को एंबुलेंस के रूप में मॉडिफाई किया गया है. इनके कागजात भी नहीं हैं. ओड़िशा, बंगाल, दिल्ली नंबरों के अधिकतर एंबुलेंस रिम्स में खड़े मिलते हैं. इसे भी पढ़ें- चांडिल">https://lagatar.in/chandil-two-children-playing-pipe-slipping-in-gangudih-colony-and-the-woman-and-the-man-who-went-to-save-them-were-injured/">चांडिल: गांगूडीह कॉलोनी में पाइप फिसलने से खेल रहे दो बच्चे व उन्हें बचाने गए महिला व पुरुष घायल
रिम्स के पास खुद की सरकारी एंबुलेंस और मोक्ष वाहन
रिम्स का अपना खुद का सरकारी एंबुलेंस और मोक्ष वाहन हैं. आर्थिक रूप से कमजोर बीपीएल परिवार वालों को शव ले जाने के लिए निःशुल्क व्यवस्था भी है. लेकिन रिम्स के मरीज सरकारी एंबुलेंस तक पहुंचे, इससे पहले निजी एंबुलेंस के दलाल उन्हें पकड़ लेते हैं और अपने चंगुल में फंसा लेते हैं. ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि कई मरीजों को सरकारी एंबुलेंस होने की जानकारी ही नहीं होती. वहीं निजी एंबुलेंस के दलालों को रिम्स के कुछ कर्मियों का भी साथ मिलता है. बता दें कि रिम्स एंबुलेंस चालकों को आसानी से रिम्स के विभिन्न वार्डों में घुमते हुए पाया जा सकता है.गुंडागर्दी करने वाले एम्बुलेंस चालकों पर होगी कार्रवाई
वहीं रिम्स के पीआरओ डॉ डीके सिन्हा ने कहा कि अवैध रूप से एंबुलेंस लगाने वालों को परिसर से जल्द ही दूर किया जाएगा. साथ ही गुंडागर्दी करने वालों पर रिम्स प्रबंधन कड़ी कार्रवाई करेगा. इसे भी पढ़ें- 200">https://lagatar.in/vidyut-mahto-met-union-minister-of-state-for-labor-for-200-beds-new-esi-hospital/">200बेड के नये ईएसआई अस्पताल के लिये केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री से मिले विद्युत महतो [wpse_comments_template]
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