Kiriburu : शाह ब्रदर्स की करमपदा लौह अयस्क खदान से जुड़े गतिरोध को जानने व समझने तथा उसका समाधान निकालने के प्रयास के तहत शुक्रवार को जगन्नाथपुर के एसडीओ शंकर एक्का की अध्यक्षता में बैठक हुई. किरीबुरु के एसडीपीओ अजीत कुजूर की उपस्थिति में किरीबुरु थाना प्रांगण में करमपदा खदान प्रबंधन एवं खदान में कार्य करने वाले मजदूरों, आसपास के ग्रामीणों व मुंडाओं के साथ विशेष बैठक हुई. उपस्थित लोगों से एसडीओ ने यह जानने का प्रयास किया कि क्या उक्त कंपनी प्रबंधन आपका बकाया पैसा नहीं दिया है, अगर ऐसा है तो आप बिना डरे खुलकर अपनी बातें रखें. एसडीओ शंकर एक्का ने लगातार न्यूज को बताया कि भोले-भाले लोगों को वेवजह व गलत प्रलोभन दिला गुमराह कर अशान्ति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन न्याय संगत कानूनी कार्यवाही करते हुए सख्ती से निपटेगी. उन्होंने कहा कि जिनका कोई मांग या समस्या है उसे शांतिपूर्ण रखें, उसका समाधान कराया जायेगा. खदान को गलत तरीके से बंद कराने वाले लोगों की लिखित शिकायत खदान प्रबंधन पुलिस-प्रशासन को दें. दूसरी ओर, एसडीपीओ अजीत कुजूर ने कहा कि खदान क्षेत्र के लोग व मजदूर किसी बाहरी के बहकावे में आकर गुमराह नहीं हों. अगर आपकी मांग जायज है तो आप प्रबंधन या पुलिस-प्रशासन के पास रखें, आपकी जायज मांगों को हरगिज पूरा कराया जायेगा. इस बैठक में थाना प्रभारी अशोक कुमार, राजेश मुंडा, मंगरा मुंडा, मुंडा लाको तीडू़, कुन्नू पटनायक, चन्द्रराम मुंडा, मनोज शर्मा समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं.
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ग्रामीणों ने कहा-कुछ मजदूरों को बाहरी लोग बहका रहे
एसडीओ के सवालों के जबाब में बैठक में मौजूद मजदूरों व ग्रामीणों ने कहा कि करमपदा लौह अयस्क खदान सिर्फ शाह ब्रदर्स का ही नहीं है बल्कि हम ग्रामीणों का भविष्य व जीने का आधार है. उक्त खादान प्रबंधन हमारा सारा पैसा हमें दे चुका है तथा इस खदान प्रबंधन से हमें कोई शिकायत नहीं है. इस खदान को कुछ बाहरी असामाजिक प्रवृत्ति के लोग अपने स्वार्थ की खातिर उडी़सा के तोपाडीह व झिरपानी तथा खदान के दर्जन भर मजदूरों को पंद्रह-बीस लाख रुपए दिलाने के नाम पर गुमराह कर व्यावधान डालकर काम बंद करने का प्रयास कर रहे हैं. खदान को बंद कराने वाले ऐसे बाहरी लोगों को हम छोडे़ंगे नहीं, क्योंकि यह हमारी आजीविका, बच्चों की शिक्षा व भविष्य तथा अन्य जरूरतों से जुड़ा मामला है. पुलिस-प्रशासन ऐसे लोगों को सबक सिखाये क्योंकि चंद लोगों के विरोध की वजह से लगभग 700-800 इस खदान से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े परिवार भूखे मर नहीं सकता है. हमारी रोजगार व जीने का आधार को जो बंद करने का प्रयास करेगा उसे हम ग्रामीण बाध्य होकर सबक सिखाने को मजबूर होंगे. ग्रामीणों ने कहा कि जिनका पैसा अगर बकाया है तो वह कंपनी से बात कर अपना हिसाब करे, न कि खदान बंद कराये. ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन से एम्बुलेंस, शिक्षा सुविधा, पेयजल, चिकित्सा, महिला सशक्तिकरण हेतु कार्य आदि प्रारम्भ कराने की मांग की.alt="" width="300" height="183" />
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