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संविधान जागार जातरा का दूसरा चरण दुमका से शुरू

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  • यात्रा का मुख्य उद्देश्य आनेवाली पीढ़ियों के अधिकार की रक्षा करना है : रतन तिर्की
Ranchi : संविधान जागार जातरा के दूसरे चरण की शुरूआत संतालपरगना में मंगलवार को दुमका से शुरू हुई. कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर पूर्व टीएसी सदस्य रतन तिर्की ने कहा कि संविधान जागार जातरा सभी प्रखंडों, पंचायतों, गांवों को उनके संविधान प्रदत अधिकारों से अवगत कराया जायेगा. प्रथम चरण में यह यात्रा सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, खूंटी में हो चुकी है. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आनेवाली पीढ़ियों के लिए अधिकारों की रक्षा कर समाज को बचाना है. उन्होंने बताया कि झारखंड विधानसभा में झारखंड के तीन महापुरुष, जिन्होंने संविधान निर्माण में भागीदारी निभाई, उनकी तस्वीर लगायी जाएगी. जिसमें जयपाल सिंह मुंडा, बोनीफास लकड़ा और देवेंद्रनाथ सांमथ आदि शामिल हैं.

झारखंडियों के जमीनी दस्तावेज संविधान में निहित है : प्रभाकर तिर्की

आजसू के संस्थापक अध्यक्ष प्रभाकर तिर्की ने कहा कि आदिवासियों के अधिकार विस्तृत और झारखंडियों के जमीनी कागजात दास्तावेज आदि सभी संविधान में निहित हैं. संविधान जागार जातरा एक राज्यस्तरीय अभियान है. संतालपरगना क्षेत्र के सभी कॉलेजों और हाई स्कूलों में संविधान की जानकारी दी जायेगी. झारखंड सरकार ने भी संविधान जागार जातरा के कार्यक्रम को समझा और मुख्य सचिव ने प्रशासनिक अधिकारियों को सहयोग करने का निर्देश जारी कर दिया है.

देश में सबसे कम पढ़ी जाती है संविधान की किताब : बलराम

संविधान विशेषज्ञ और सर्वोच्च न्यायालय (राईट टू फूड कमिटी) के सलाहकार बलराम जी ने कहा कि इस देश में सबसे कम पढ़ने वाली किताब देश का संविधान है. हम सभी बाईबल, कुरान, रामायण, वेद, कहानियां पढ़ते हैं, पर देश का संविधान नहीं पढ़ते हैं. और संविधान हम ऐसे समय में पढ़ रहे हैं, जब संविधान खतरे में आ गया है. बलराम जी ने कहा कि युवाओं को आज बढ़चढ़ कर संविधान का अध्ययन करना होगा. मनरेगा वाच के जेम्स हेरेंज ने कहा कि संविधान में मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर सैकड़ों कानून और नियमावली बना तो दिया, पर उसका सही में अनुपालन नहीं हो पा रहा है, जो चिंता का विषय है.

कार्यक्रम में कई छात्रों ने हिस्सा लिया

इससे पूर्व झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य डॉ सुशील मरांडी, रतन तिर्की, प्रभाकर तिर्की, जेम्स हेरेंज, डॉ धुनी सोरेन, प्रो सत्यम, फादर सोलोमन आदि का संताली गमछा ओढा कर स्वागत किया गया. संविधान जागार जातरा संयोजक टीम के सदस्य झारखंड आंदोलनकारी डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर प्रबल महतो चक्रधरपुर से और झारखंड आंदोलनकारी जोय बाखला भी उपस्थित थे. कार्यक्रम में दुमका छात्रावास, जरमुंडी, बागनाल, दरबारपुरी, रासकीपुर, बांकिजोर, मुरगुमी आदि जगहों से लोगों ने भाग लिया. इसे भी पढ़ें – गोवा">https://lagatar.in/ccl-awarded-for-best-display-in-goa/">गोवा

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