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स्वावलंबन के लिए चल रहा 20 करोड़ रुपए का आत्मनिर्भर हजारीबाग अभियान : जयंत सिन्हा

हजारीबाग में सिडबी स्वावलंबन कॉन्क्लेव सह मेला और सूक्ष्म उद्यम संवर्धन कार्यक्रम शुरू Hazaribagh : भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) संपोषित सूक्ष्म उद्यम संवर्धन कार्यक्रम के तत्वावधान में गुरुवार को स्वावलंबन कॉन्क्लेव-सह-मेला का आयोजन किया गया. स्थानीय पाराडाइज रिसोर्ट में हुए इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हजारीबाग के सांसद जयंत सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि आज हजारीबाग में एक नया इतिहास रचा जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्थाओं के साथ जुड़े कारीगरों की कला, ऊर्जा, जुनून और प्रतिभा को सम्मान मिलेगा. उन्होंने सिडबी के माध्यम से अक्षय पात्र को 60 लाख रुपए की सीएसआर सहायता की चर्चा करते हुए कहा कि इससे कुपोषित बच्चों को पौष्टिक मिड डे मील उपलब्ध होगा. एनबीजेके को ग्रामीण उद्यमों के संवर्धन के लिए 68 लाख रुपए की परियोजना संचालित करने का दायित्व सौंपा गया है. सांसद ने स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हजारीबाग में डेयरी, फर्नीचर और कृषि संबंधी 20 को-ऑपरेटिव्स संचालित हैं, जिन्हें बिल मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन से मार्केटिंग सहयोग मिला है. 20 करोड़ रुपए का आत्मनिर्भर हजारीबाग अभियान चल रहा है और एचडीएफसी बैंक की मदद से इस पायलट प्रोजेक्ट को झारखंड के अन्य 20 जिलों में लागू किया जाएगा. उन्होंने सिडबी से मांग की कि यहां के लोगों को भरपूर तकनीकी सहायता, मार्केटिंग सुविधा, डिजाइन विशेषज्ञता का लाभ और व्यापार क्रेडिट कार्ड जैसे नवाचारों से लैस किया जाए. इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-students-got-information-about-road-safety-in-kpmpm-college/">जमशेदपुर

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लघु उद्यमियों की समस्याओं का होगा समाधान : एस. रमण

स्वावलंबन मेला में विशेष रूप से शामिल सिडबी के चेयरमैन एस रमण ने इस आयोजन पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में महिलाओं की भरपूर सहभागिता और स्टॉलों पर लगे उत्पादों को देखकर उन्हें उनकी क्षमता पर विश्वास हो गया है. उनकी कोशिश होगी कि हर जिले में लघु उद्यमियों की समस्याओं का समाधान हो सके.

हजारीबाग को उद्यमी क्षेत्र बनाने में सिडबी का रहेगा सहयोग : आचार्य

इससे पहले अतिथियों का स्वागत करते हुए एस.एस. आचार्य, सीजीएम-सिडबी ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता मध्यम और लघु के साथ अब सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने की है ताकि ग्रासरूट स्तर के उद्यमियों को लाभ मिले और आजीविका के अवसरों में वृद्धि हो. उन्होंने बताया कि एक वित्तीय संसाधन के रूप में स्थानीय परंपरागत कलाओं का दायरा बढ़ाकर उन्हें मुख्य धारा में लाने की जिम्मेवारी लेते हैं. उन्होंने कहा कि हजारीबाग को एक उद्यमी क्षेत्र बनाना है, जिसमें सिडबी का सहयोग रहेगा.

ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम के परिणाम संबंधी मूल्यांकन की रिपोर्ट प्रस्तुत

उसके बाद सिडबी की मदद से नव भारत जागृति केंद्र की ओर से वर्ष 1999-2006 की अवधि में क्रियान्वित ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम के परिणाम संबंधी मूल्यांकन रिपोर्ट की प्रस्तुति हुई. इसमें बताया गया कि 2044 उद्यम हजारीबाग और कोडरमा जिलों में स्थापित हुए और 4700 लोगों को आजीविका प्राप्त हुई. नवभारत जागृति केंद्र की ओर से क्रियान्वित इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता है कि 20 वर्षों के बाद भी क्षेत्र में ये उद्यम फलते-फूलते देखे जा सकते हैं. लगभग 91 प्रतिशत उद्यमी ओबीसी और एससी समुदाय से हैं और 11 प्रतिशत महिला उद्यमी हैं. इसके बाद आरआईपी के दो सफल उद्यमी गुनु महतो और विजय कुशवाहा को सम्मानित किया गया तथा अन्य 15 सफल उद्यमियों को प्रमाण पत्र दिया गया. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-chief-ministers-invitational-football-competition-from-1st-november-final-on-30th-december/">झारखंड

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सूक्ष्म उद्यम संवर्धन कार्यक्रम के विषय पर रखी अपनी बात

एनबीजेके के मुख्य कार्यकारी सतीश गिरिजा ने अगस्त 2023 में स्वीकृत सिडबी समर्थित सूक्ष्म उद्यम संवर्धन कार्यक्रम के विषय में बताया कि 2023 से 2027 के चार वर्षों में 1100 उद्यम हजारीबाग, गिरिडीह, रामगढ़, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में स्थापित किए जाएंगे. उसके बाद हजारीबाग जिला में लघु उद्यमियों-शिल्पकारों-कारीगरों-कलाकारों को आर्थिक मदद, बाजार से जुड़ाव, सृजनात्मकता और आय वृद्धि को समर्पित इस कार्यक्रम को शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की गई.

मशरूम उत्पादन कार्यक्रम की जानकारी साझा की

मेला के दौरान ग्रांट थोर्नटन और अवतार डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने सिडबी की सहायता से संचालित कोहबर-सोहराय चित्रकार समूहों के लिए संचालित प्रोजेक्ट केयर और निर्धन परिवारों के लिए आजीविका सृजन के उद्देश्य से संचालित मशरूम उत्पादन कार्यक्रम की जानकारी साझा की और लाभुकों के बीच प्रमाण पत्र बांटा. फिर सिडबी की मदद से ही सपोर्ट संस्था की ओर से ग्रामीण महिलाओं के लिए लाह प्रोसेसिंग कौशल विकास कार्यक्रम की जानकारी प्रस्तुत करते हुए संस्था प्रतिनिधि को स्वीकृति पत्र सौंपा गया. वहीं अक्षय पात्र फाउंडेशन के हजारीबाग चैप्टर प्रमुख को भोजनालय निर्माण के लिए सीएसआर अनुदान की घोषणा हुई ताकि हजारीबाग जिले के 50 हजार गरीब बच्चों को मिड डे मील उपलब्ध हो सके.

मेले में लगे स्टॉलों का भ्रमण

अतिथियों ने स्वावलंबन मेला में लगे स्टॉलों का भ्रमण भी किया गया और उन्होंने स्थानीय उत्पादों की काफी सराहना की और उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में हजारीबाग विकास की राह पर प्रगति करेगा. धन्यवाद ज्ञापन सिडबी की महाप्रबंधक अनुभा प्रसाद ने किया. [wpse_comments_template]

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