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जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी की पार्टी से छुट्टी! नीतीश को भारत रत्न देने सहित कई बयान बने कारण

Lagatar Desk :  जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी को लेकर पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार, केसी त्यागी को पार्टी से छुट्टी हो गई है. इसका कारण नीतीश कुमार को भारतरत्न देने की मांग और उनके कई हालिया बयान और गतिविधियां बताये जा रहे हैं.

 

इस संबंध में पार्टी या केसी त्यागी की ओर से अब तक कोई औपचारिक या लिखित बयान जारी नहीं किया गया है. लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि केसी त्यागी अब जेडीयू की सक्रिय भूमिका में नहीं हैं और पार्टी से उनका सम्मानजनक अलगाव हो चुका है. 
 

पार्टी की गतिविधियों से कोई संबंध नहीं : राजीव रंजन

जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने केसी त्यागी के हालिया बयानों से किनारा कर लिया है. कहा है कि उनके बयान पूरी तरह व्यक्तिगत हैं और पार्टी की नीतियों या आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केसी त्यागी का फिलहाल पार्टी की गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है. राजीव रंजन प्रसाद के बयान भी इस ओर इशारा कर रहे हैं कि केसी त्यागी पार्टी से निकाले जा चुके हैं. 

 

 

पार्टी नेतृत्व टकराव से बचना चाहता है

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू ने केसी त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है. इसकी वजह पार्टी के साथ उनका लंबा और महत्वपूर्ण राजनीतिक जुड़ाव बताया जा रहा है. जेडीयू नेतृत्व किसी भी तरह के सार्वजनिक टकराव से बचते हुए इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से संभालना चाहता है.

 

सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि केसी त्यागी वर्तमान में पार्टी में सक्रिय हैं या नहीं, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि उनके हालिया बयान व्यक्तिगत हैं और पार्टी की गतिविधियों से उनका कोई संबंध नहीं हैं.  

 

नेताओं की प्रतिक्रियाएं

जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि केसी त्यागी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाता है. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने अपना पूरा राजनीतिक जीवन जनसेवा को समर्पित किया है और वे कभी सत्ता या पद की लालसा से प्रेरित नहीं रहे.

 

 

वहीं मंत्री अशोक चौधरी ने भी केसी त्यागी के बयान को उनका निजी विचार बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है. निर्णय होने पर जनता को जानकारी दी जाएगी. 

 

 

जेडीयू नेता नीरज कुमार का कहना है कि पार्टी को केसी त्यागी की बातों से कोई लेना-देना नहीं है. नीतीश कुमार को वैश्विक विचारक कहा जाता है. नीतीश कुमार का व्यक्तित्व बहुत विशाल है; पुरस्कार उनके पीछे भागते हैं. केवल केसी त्यागी ही जानते हैं कि वे क्या कहते हैं.

 

भारत रत्न की मांग से बढ़ा विवाद

गौरतलब है कि केसी त्यागी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित करने का अनुरोध किया था. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने पर प्रधानमंत्री का आभार भी जताया.

 

केसी त्यागी ने अपने पत्र में नीतीश कुमार को समाजवादी आंदोलन का सबसे प्रतिभाशाली जीवित नेता बताते हुए उन्हें ‘सुशासन बाबू’ और एनडीए के संस्थापकों में से एक बताया था. उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया. 

 

बांग्लादेशी क्रिकेटर के समर्थन में भी दिया था बयान

इसके अलावा केसी त्यागी के हाल के दिनों में दिए गए कुछ बयानों ने भी जेडीयू नेतृत्व को असहज स्थिति में डाल दिया. उन्होंने हाल ही में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान देते हुए कहा था कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए.

 

उन्होंने तर्क दिया था कि जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास को अपनी टीम का कप्तान बनाया है, तो भारत को भी मुस्तफिजुर रहमान के मामले में पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें आईपीएल में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए. पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बयान जेडीयू नेतृत्व को रास नहीं आया. 

 

कई संवेदनशील मुद्दों पर त्यागी ने अलग रूख अपनाये 

इससे पहले भी के.सी. त्यागी कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर एनडीए के आधिकारिक रुख से अलग राय रखते नजर आए थे. उन्होंने बड़े सरकारी पदों पर लेटरल एंट्री के जरिए नियुक्ति, समान नागरिक संहिता और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष जैसे संवेदनशील विषयों पर सार्वजनिक तौर पर अलग मत व्यक्त किया था.

 

इन लगातार बयानों के चलते जेडीयू को कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ा. इसी पृष्ठभूमि में के.सी. त्यागी को जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटना पड़ा, जिसके बाद पार्टी ने राजीव रंजन प्रसाद को नया राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया था. यह माना जा रहा है कि के.सी. त्यागी के स्वतंत्र और बेबाक बयानों की शैली पार्टी की आधिकारिक लाइन से मेल नहीं खा रही थी, जिसके चलते मौजूदा स्थिति बनी. 

 

 

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