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निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही सेवा
गोपाल बर्मन ने कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही सेवा है. सेवा दो प्रकार का होती है. अस्थाई सेवा में जैसे नारायण सेवा करना बच्चों को किताब कॉपी बांटना इत्यादि इसके अंतर्गत आता है. जिससे अस्थाई रूप से नारायण को लाभ मिलता है. किंतु यदि स्कूल भवन बनाना, हॉस्पिटल बनाना, निःस्वार्थ भाव से पेड़ पौधे का वितरण करना इत्यादि स्थाई सेवा में आते हैं जिसका लाभ लोगों को बहुत दिनों तक मिलता है.आनन्द मार्ग का प्रयास जनसाधारण का कल्याण करना: गोपाल बर्मन
उन्होंने कहा कि आनन्द मार्ग का प्रयास जनसाधारण का कल्याण करना है. इसी कड़ी में यह विजन सेंटर है जिसमें जरूरतमंद लोगों की निशुल्क आंख की चिकित्सा की जा रही है. इस कार्यक्रम के सफल बनाने में पूर्णिमा नेत्रालय की डॉ. संस्कृति सिंह, आनन्द मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम के बसंत राम, भर्तृहरि, जितेन बर्मन व सूर्य प्रकाश का सराहनीय योगदान रहा. इसे भी पढ़ें: अग्निपथ">https://lagatar.in/agneepath-scheme-action-on-miscreants-61-arrested-so-far-fir-on-coaching-institutes/">अग्निपथयोजनाः उपद्रवियों पर कार्रवाई, अबतक 61 अरेस्ट, कोचिंग संस्थानों पर FIR [wpse_comments_template]

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