: करमपदा ग्राम सभा में ‘हर घर तिरंगा झंडा अभियान’ को सफल बनाने का लिया गया निर्णय
किफायती आवास में गृहप्रवेश की जुगत भिड़ा रहे लाभुक
पहले दिन 3 अगस्त को कुल 60 लाभुकों में से 12 लाभुकों ने 13,58,000 जमा किये हैं. मिली जानकारी के अनुसार इसमें से एक लाभुक द्वारा पूरी राशि 3,67,000 जमा की गयी है. जबकि दो लाभुक प्रति 16,7,000, चार लाभुक प्रति 10,0000, दो लाभुक प्रति 50,000 एवं एक लाभुक द्वारा 23,000 जमा किया गया है. कुछ लाभुकों के अनुसार उक्त योजना के तहत बैंक आवास ऋण देने को तैयार नहीं हैं. बैंकों का कहना है कि बिना किसी सिक्युरिटी के वे लोन नहीं दे सकते. आवास योजना के अनेक लाभुक अब अन्य लोन, अपने परिचितों से कर्ज या बाजार के सूदखोरों से ऊंची ब्याज पर कर्ज लेकर किफायती आवास में गृहप्रवेश की जुगत भिड़ा रहे हैं. लाभुकों के अनुसार अंशदान की राशि को होम लोन के माध्यम से आसान किस्तों में चुकाने का आश्वासन लाभुकों को निरन्तर मिलता रहा. इसी कारण उत्साहित होकर वे योजना के लाभुक बने थे. सभी लाभुक आर्थिक रूप से सक्षम होते तो स्वयं भूखंड खरीद कर अपना आवास बना लेते, इस योजना के पीछे नही पड़ते. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-kunal-sharangi-presented-a-state-of-the-art-wheel-chair-to-the-divyang/">जमशेदपुर:कुणाल षाड़ंगी ने दिव्यांग को भेंट की अत्याधुनिक व्हील चेयर
वरीय पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लाभुकों को मिला था आवास ऋण का आश्वासन
[caption id="attachment_379106" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="450" /> 29 जुलाई को हुई बैठक में वरीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की फाइल फोटो.[/caption] विदित हो कि 29 जुलाई को भी आवंटन से संबंधित समस्याओं एवं प्रश्नों के निराकरण हेतु बैठक रखी गई थी. उक्त बैठक में नगरीय प्रशासन निदेशालय, नगर विकास एवं आवास विभाग रांची के पदाधिकारी राजन कुमार, मीतू एलजी भारती व दीपक कुमार भ्रमण कार्यक्रम के तहत उक्त बैठक में उपस्थित थे. साथ ही नप अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर प्रबंधक, एमआईएस स्पेशलिस्ट सहित एचडीएफसी, आईडीबीआई, एवं आईसीआईसी बैंक के स्थानीय प्रबंधक भी उपस्थित थे. बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी नगरपंचायत द्वारा लाभुकों से कहा गया था कि अधिक से अधिक अंशदान जमा करें, शेष राशि को होम लोन कराने में सहयोग किया जाएगा. अब अधिकतर लाभुकों के समक्ष यह योजना सांप छुछुन्दर की स्थिति बन गयी है, जिसे ये न उगल सकते हैं और न पूरी राशि जमा कर निगल सकते हैं. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-due-to-the-continuous-arrival-of-elephants-along-with-the-villagers-the-problem-of-forest-department-and-police-administration-also-increased/">किरीबुरू
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