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सरायकेला : आदिवासी सांस्कृतिक भवन में मनी ओत गुरु कोल लाको बोदरा की जयंती

Seraikela (Bhagya sagar singh) : सरायकेला प्रखण्ड अंतर्गत बड़बिल स्थित आदिवासी सांस्कृतिक भवन में सोमवार को आदिवासी हो समाज महासभा द्वारा ओत गुरू कोल लाको बोदरा की 103 वीं जयंती मनाई गयी. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक सह आदिवासी कल्याण सह परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन उपस्थित हुए. उन्होंने कला केंद्र परिसर में स्थापित ओत गुरू के आदमकद प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर नमन किया. ओत गुरु के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज को लेकर जो उद्देश्य रखे थे उन्हें पूर्ण करने में हम सहभागी बनें आज के दिन यही संकल्प लेना है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/Seraikela-Loko-Bodra-1.jpg"

alt="" width="1280" height="576" /> इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-kukudu-farmers-got-training-to-make-organic-pesticides/">चांडिल

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उन्होंने कहा भाषा संस्कृति के विकास को लेकर राज्य सरकार संकल्पित है. इसी के तहत क्षेत्रीय भाषा में कैसे प्राईमरी स्तर से पढाई हो सके सरकार यह प्रयास कर रही है. वारंग क्षिति लिपि के जनक गुरू लाको बोदरा के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए प्राइमरी स्तर से स्कूलों में वारंग क्षिति लिपि से हो भाषा की पढ़ाई शुरू करने और उसके शिक्षक स्कूलों में सरकार नियुक्त करेगी. भाषा एवं संस्कृति ही हमारी पहचान है इसे आगे बढाना हम सबों का दायित्व है. मंत्री ने कहा वर्षो से 1932 को स्थानीयता का आधार माना गया है, इस लिए सरकार ने भी इसको परिभाषित करने का काम किया है. साथ ही मानकी मुंडा को भी स्थानीयता के रूप में चिन्हित करने का अधिकार दिया गया है. इस प्रकार सरकार की कई उपलब्धियों पर उन्होंने प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी गठबंधन की सरकार युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनहित पर निरन्तर काम कर रही है. इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा सहित हो महासभा के पदाधिकारी एवं सदस्यगण तथा झामुमो कार्यकर्ता एवं समाज के प्रबुद्धजन काफी संख्या में उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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