: मार्च 2023 तक 12 हजार किसानों को केसीसी ऋण देने का रखा गया लक्ष्य
पश्चिम सिंहभूम जिला प्रशासन के संरक्षण में भी चल रहा था पुस्तकालय
अविभाजित पश्चिम सिंहभूम जिला प्रशासन के संरक्षण और जिला शिक्षा पदाधिकारी के नियंत्रण में भी काफी समय तक पाठकों को पुस्तकालय की सुविधा मिलती रही थी. इसी दौर में हीं पुस्तकालय में स्टाफ की कमी के नाम पर ताला लटका दिया गया. कुछ प्रसिद्ध ग्रन्थ व पुस्तकें बाजार में बिकने लगीं तो कुछ दीमकों के पेट में गई. इस प्रकार मात्र एक खंडहर बन कर रह गया था यह पुस्तकालय भवन. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-outsourcing-agency-superstar-only-got-another-chance-for-man-power-supply-in-kolhan-university/">चाईबासा: कोल्हान विवि में मैन पावर सप्लाई के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी सुपरस्टार को ही मिला दोबारा मौका
उपायुक्त राजेश कुमार शर्मा द्वारा कराया गया था पुस्तकालय भवन का पुनर्निर्माण
[caption id="attachment_350820" align="alignnone" width="600"]alt="" width="600" height="928" /> पुस्तकालय भवन में लगा ताला.[/caption] खंडहर में तब्दील इस पुस्तकालय भवन को उपयोगी बनाने के लिए स्थानीय वरिष्ठ अधिवक्ता केपी दुबे एवं युवा समाजसेवी सह तत्कालीन नगरपंचायत उपाध्यक्ष जलेश कवि के सहयोग से इसे भवन को ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा था. सरायकेला खरसावां के तत्कालीन उपायुक्त राजेश कुमार शर्मा ने पाठकों की मांग व खंडहर में तब्दील पुस्तकालय भवन के मामले को गम्भीरता से लिया. उन्होंने पुस्तकालय भवन का पुनर्निर्माण कराते हुई पठनीय सामग्रियों सहित टीवी, कम्प्यूटर इत्यादि की भी व्यवस्था करवाई थी. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-police-took-his-elder-daughter-into-custody-in-kanhaiya-singh-murder-case/">आदित्यपुर
: कन्हैया सिंह हत्याकांड में उनकी बड़ी बेटी को पुलिस ने लिया हिरासत में

Leave a Comment