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सरायकेला :  बंद पड़े अनुमंडल पुस्तकालय भवन का रंग-रोगन होने से पाठकों में जगी नयी आस

Seraikela(Bhagya Sagar singh) : सरायकेला का ऐतिहासिक अनुमंडल पुस्तकालय भवन सरायकेला शहरी क्षेत्र अंतर्गत पोस्ट ऑफिस रोड़ के बगल में है. लम्बे अर्से तक बन्द पड़े पुस्तकालय भवन को देख पाठकों में यह सन्देह हो रहा था कि पुनः यह खंडहर में तब्दील हो जाएगा. जानकारों की माने तो इस पुस्तकालय भवन की स्थापना रियासती समय में सरायकेला के तत्कालीन राजा ने आम पाठकों के लिए कराई थी. पुस्तकालय में पौराणिक ग्रन्थों सहित हिंदी, ओड़िया, बांग्ला व उर्दू भाषा की देश व विदेशों के प्रसिद्ध लेखकों की लिखी विभिन्न विषयों के ग्रन्थ व पुस्तकें भी रहती थी. पुस्तकालय भवन के अंदर पाठकों के लिए बैठ कर पढ़ने की भी सुविधा थी. इस पुस्तकालय के लिये अब वो सारी विशेषताएं मात्र इतिहास व किवदंती बन कर रह गयी हैं. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-target-set-to-give-kcc-loan-to-12-thousand-farmers-by-march-2023/">चांडिल

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 पश्चिम सिंहभूम जिला प्रशासन के संरक्षण में भी चल रहा था पुस्तकालय

अविभाजित पश्चिम सिंहभूम जिला प्रशासन के संरक्षण और जिला शिक्षा पदाधिकारी के नियंत्रण में भी काफी समय तक पाठकों को पुस्तकालय की सुविधा मिलती रही थी. इसी दौर में हीं पुस्तकालय में स्टाफ की कमी के नाम पर ताला लटका दिया गया. कुछ प्रसिद्ध ग्रन्थ व पुस्तकें बाजार में बिकने लगीं तो कुछ दीमकों के पेट में गई. इस प्रकार मात्र एक खंडहर बन कर रह गया था यह पुस्तकालय भवन. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-outsourcing-agency-superstar-only-got-another-chance-for-man-power-supply-in-kolhan-university/">चाईबासा

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उपायुक्त राजेश कुमार शर्मा द्वारा कराया गया था पुस्तकालय भवन का पुनर्निर्माण

[caption id="attachment_350820" align="alignnone" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/Library-1.jpg"

alt="" width="600" height="928" /> पुस्तकालय भवन में लगा ताला.[/caption] खंडहर में तब्दील इस पुस्तकालय भवन को उपयोगी बनाने के लिए स्थानीय वरिष्ठ अधिवक्ता केपी दुबे एवं युवा समाजसेवी सह तत्कालीन नगरपंचायत उपाध्यक्ष जलेश कवि के सहयोग से इसे भवन को ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा था.  सरायकेला खरसावां के तत्कालीन उपायुक्त राजेश कुमार शर्मा ने  पाठकों की मांग व खंडहर में तब्दील पुस्तकालय भवन के मामले को गम्भीरता से लिया. उन्होंने पुस्तकालय भवन का पुनर्निर्माण कराते हुई पठनीय सामग्रियों सहित टीवी, कम्प्यूटर इत्यादि की भी व्यवस्था करवाई थी. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-police-took-his-elder-daughter-into-custody-in-kanhaiya-singh-murder-case/">आदित्यपुर

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 स्थानीय जनप्रतिनिधि सह मंत्री चम्पई सोरेन ने किया था नए भवन का उद्घाटन

तत्कालीन उपायुक्त राजेश शर्मा के पहल पर वर्ष 2009-10 के दरम्यान पुनर्निर्माण किये गए पुस्तकालय भवन का उद्घाटन स्थानीय विधायक सह मंत्री चम्पई सोरेन द्वारा किया गया था. उन्होंने पुस्तकालय को और उपयोगी बनाने के लिए कम्प्यूटर उपलब्ध कराने की भी घोषणा की थी.  ताकि पाठकों सहित शिक्षित युवा वर्ग के लिये भी पुस्तकालय उपयोगी बन सके.  परन्तु पुस्तकालय के रख रखाव की जिम्मेदारी जिस विभाग को मिली थी उनकी उदासीनता के कारण अव पुस्तकालय कुछ समय बाद पुनः बन्द रहने लगा है.  पुनः पुस्तकालय भवन का रंग रोगन होने से पाठकों में एक आस जगने लगी है. [wpse_comments_template]

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