: टाटा कॉलेज में इंटरमीडिएट की नामांकन प्रक्रिया 25 अगस्त तक
लोगों के विरोध का इन्हें करना पड़ता सामना
यहां तक तो सब ठीक चलता है पर कचरा कहां डाला जाय यह इनके लिए समस्या बन जाती है. जिस क्षेत्र में भी ये कचरा डम्प करना शुरू करते हैं कुछ दिनों में ही आस पास के लोग विरोध शुरू कर देते हैं. इसलिये नजरें बचा कर किसी एकांत स्थान या नदी किनारे कचरा डालना इनकी मजबूरी हो जाती है. मिली जानकारी अनुसार विगत लगभग चार वर्षों से ठोस अवशिष्ट प्रबंधन के लिये प्लांट स्थापित करने की जगह खोजी जा रही है. एक दो सरकारी भूमि पर प्लांट स्थापना की तैयारी की गई थी पर ग्रामीणों के विरोध के कारण बन्द करना पड़ा. इस तरह शहर की गंदगी साफ करने में लगे सफाईकर्मियों को निरन्तर कचरा डालने की जगह खोजना एक समस्या बन गया है. लोगों के प्रत्यक्ष विरोध का भी इन्हें ही सामना करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jharkhand-university-contract-based-teachers-association-handed-over-demand-letter-to-saryu-rai/">जमशेदपुर: झारखंड विश्वविद्यालय संविदा आधारित शिक्षक संघ ने सरयू राय को सौंपा मांग पत्र [wpse_comments_template]

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