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सरायकेला : शहर से बटोरा गया कचरा डंप करना नगरपंचायत के लिए बना मुसीबत

Seraikela(Bhagya sagar singh) : सरायकेला नगरपंचायत क्षेत्र के 11 वार्डों में साफ सफाई सहित स्वच्छता बरकरार रखने के लिए नगरपंचायत के अपने साधन एवं सफाई कर्मी हैं. पूर्ण रूपेण शहरी क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए एमएसडब्ल्यू कम्पनी को भी निर्धारित नियमों के तहत जिम्मेवारी दी गयी है. कचरा उठाने के छोटे-छोटे वाहनों को लेकर इनके सफाई कर्मी शहर के विभिन्न सड़कों पर गुजरते रहते हैं. डस्टबिन में डाले गये कचरे ये वाहन में उठा कर ले जाते हैं. नियम के तहत पहले इन्हें शहर से बाहर स्थित धर्म कांटा में जाकर बटोरे गए कचरों का वजन कराना पड़ता है. मिली जानकारी अनुसार कम्पनी को बटोरे गए कचरों के वजन के आधार पर ही भुगतान की जाती है. यह भुगतान नगरपंचायत एवं राज्य सरकार दोनों मिल कर करते हैं. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-intermediate-enrollment-process-in-tata-college-till-august-25/">चाईबासा

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लोगों के विरोध का इन्हें करना पड़ता सामना

यहां तक तो सब ठीक चलता है पर कचरा कहां डाला जाय यह इनके लिए समस्या बन जाती है. जिस क्षेत्र में भी ये कचरा डम्प करना शुरू करते हैं कुछ दिनों में ही आस पास के लोग विरोध शुरू कर देते हैं. इसलिये नजरें बचा कर किसी एकांत स्थान या नदी किनारे कचरा डालना इनकी मजबूरी हो जाती है. मिली जानकारी अनुसार विगत लगभग चार वर्षों से ठोस अवशिष्ट प्रबंधन के लिये प्लांट स्थापित करने की जगह खोजी जा रही है. एक दो सरकारी भूमि पर प्लांट स्थापना की तैयारी की गई थी पर ग्रामीणों के विरोध के कारण बन्द करना पड़ा. इस तरह शहर की गंदगी साफ करने में लगे सफाईकर्मियों को निरन्तर कचरा डालने की जगह खोजना एक समस्या बन गया है. लोगों के प्रत्यक्ष विरोध का भी इन्हें ही सामना करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jharkhand-university-contract-based-teachers-association-handed-over-demand-letter-to-saryu-rai/">जमशेदपुर

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