Seraikela (Bhagya sagar singh) : इस वर्ष अल्पवृष्टि के कारण खरीफ की फसल में हुई कमी का असर विभिन्न क्षेत्र में नजर आने लगा है, धान की अच्छी उपज नहीं होने के कारण पुआल की कीमतें अभी से बढ़ने लगी है. स्थानीय पशुपालक एवं दूध का व्यवसाय करने वाले छोटे बड़े व्यवसायी अपने पशुओं के सूखे चारे के रूप में पुआल का उपयोग करते हैं. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-infinite-possibilities-of-making-a-career-in-the-field-of-sports-purendra/">आदित्यपुर
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जनवरी में पुआल की कीमत दो से तीन रुपया रहता है
पशुपालकों के अनुसार क्षेत्र के किसान खलिहान का काम निपटा कर मकर पर्व के पूर्व पुआल बेच दिया करते हैं. प्रति वर्ष जनवरी के महीने में प्रति बंडल (आंटी) पुआल दो से तीन रुपया मूल्य रहता है. विगत वर्ष अतिवृष्टि के कारण इसकी कीमत में कुछ बढोत्तरी हुई थी. इस वर्ष अल्पवृष्टि के कारण फसल उत्पादन कम होने से अभी से इसकी कीमत बढ़ कर चार से पांच रुपये प्रति आंटी हो गयी है. कीमत में सम्भावित और बढोत्तरी के अंदेशे से पशुपालक पुआल जमा करने लगे हैं. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-delegation-of-minority-secondary-teachers-association-met-saryu-rai-submitted-demand-letter/">जमशेदपुर: अल्पसंख्यक माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल सरयू राय से मिला, सौंपा मांग पत्र [wpse_comments_template]