Search

सरायकेला-खरसावां : आबादी 10.65 लाख, मान्यता प्राप्त कॉलेज तीन और शराब की दुकानें 63

Adityapur : आजादी के सत्तर दशक और झारखंड गठन के बाद 21 साल बीत चुके हैं, लेकिन सरायकेला-खरसावां जिले में सरकारी मान्यता प्राप्त कॉलेज का अभाव है. जिले की आबादी 10.65 लाख, लाइसेंसी शराब की दुकानें 63 और मान्यता प्राप्त कॉलेज मात्र तीन हैं. एक चांडिल में दूसरा सरायकेला और तीसरा खरसावां में है. तीन-तीन संसदीय क्षेत्र के अधीन सरायकेला-खरसावां जिले के विद्यार्थियों को उच्च और गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए पड़ोसी जिला जमशेदपुर या रांची का रुख करना पड़ता है. जिले से वर्तमान में एक केंद्र सरकार में और एक राज्य सरकार में मंत्री हैं. इसे भी पढ़ें : सेंसेक्स">https://lagatar.in/sensex-down-240-points-nifty-slips-from-the-level-of-17-thousand-hcl-tech-top-gainer/">सेंसेक्स

में 240 अंकों की गिरावट, निफ्टी 17 हजार के लेवल से फिसला, एचसीएल टेक टॉप गेनर
जिले के आदित्यपुर, गम्हरिया, कांड्रा, राजनगर, कुकड़ू और ईचागढ़ के छात्रों के पास उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जमशेदपुर या रांची ही विकल्प है. हर साल पूरे जिले से करीब 15 से 20 हजार छात्र- छात्राएं प्लस टू के लिए निजी कॉलेज और दूसरे जिले में नामांकन कराते हैं. वहीं सरायकेला, चांडिल और राजनगर कॉलेज में गुणवत्तायुक्त शिक्षा नहीं मिलने के कारण कई छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं. जिले की आबादी का 25 फीसदी युवा हैं, जिन्हें गुणवत्तायुक्त शिक्षा भी मयस्सर नहीं हो रही. यह जिले का दुर्भाग्य है.

कॉलेज से ज्यादा लाइसेंसी शराब दुकानें

आपको यह जानकर हैरानी होगी, कि पूरे जिले में कुल 63 देसी, अंग्रेजी और कम्पोजिट लाइसेंसी शराब की दुकानें हैं. इनमें से 19 देसी, 19 विदेशी और 23 कंपोजिट शराब दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि 5 अभी वेकेंट हैं. इसमें एक देसी, एक विदेशी और तीन कम्पोजिट शराब दुकान शामिल हैं. अवैध शराब भट्ठियां तो थोक में गली-गली मिल जाएंगी. सवाल ये उठता है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और जनता क्या कर रही है. हम अपना भविष्य किस संसाधन के सहारे गढ़ रहे हैं. जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है मगर उन प्रतिभाओं को निखारने के लिए संसाधन क्या हैं इसपर मंथन करने की जरूरत हैं. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//