: झारखंड मजदूर यूनियन ने टाटा मोटर्स गेट के सामने किया प्रदर्शन
पूर्ववर्ती सरकार की दोहरी खनन नीति के कारण काम बंद
ज्ञापन में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा गया कि अविभाजित बिहार सरकार के समय से ही पूरे झारखंड राज्य में छोटे छोटे पत्थर खनन पट्टा, पत्थर क्रशर इकाई, बालू घाट एवं बंगला ईंट भट्ठा यहां के स्थानीय लोगों के लिये रोजी-रोटी का एकमात्र साधन हैं. झारखंड राज्य अलग होने के पश्चात यहां के शिक्षित बेरोजगार युवक कम पूंजी लगाकर इस व्यवसाय से रोजगार प्राप्त करते रहे. यहां के मजदूरों को भी आसानी से रोजगार प्राप्त हो जाता था. दुर्भाग्यवश पूर्ववर्ती सरकार की दोहरी खनन नीति के कारण विगत 30-35 वर्षों से स्वीकृत अनुज्ञप्ति धारी छोटे-छोटे खनन पट्टा, पत्थर क्रशर इकाई, बालू घाट इत्यादि बंद पड़ा है.पत्थर खनन नीति की नियमावली का सरलीकरण किया जाए
जिसके कारण झारखंड राज्य के लाखों लोगों के समक्ष बेरोजगारी एवं मजदूरों को दूसरे राज्यों की ओर पलायन की स्थिति उत्पन्न हो गई है. राज्य सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है. ऐसी परिस्थिति में राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवक क्रशर मालिक, ट्रैक्टर डंपर हाइवा मालिक एवं मजदूर वर्तमान राज्य सरकार से अपेक्षा करते हैं कि यथाशीघ्र पत्थर खनन नीति की नियमावली का सरलीकरण किया जाए.पत्थर खनन नीति के सरलीकरण को दिए गए सुझाव
पूर्व से स्वीकृत सरकारी क्षेत्र में साधारण खनन पट्टा जिसका क्षेत्र पांच हेक्टेयर से कम हो उसका नवीनीकरण किया जाय. राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पूर्व की तरह सरकारी क्षेत्र एवं रैयती क्षेत्र के पांच हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर साधारण पत्थर खनन पट्टा एवं पत्थर क्रशर इकाई से निर्धारित वन भूमि से 250 मीटर दूरी को 50 मीटर किया जाए. वर्तमान राज्य सरकार के साधारण पत्थर का राजस्व दर प्रति घन मीटर ₹132 एवं ₹250 है, एक ही पत्थर का दो तरह के राजस्व दर को हटाकर प्रति घन मीटर 132 रुपया रखा जाए.रैयत बंजर जमीन पर पूर्व की भांति टीपी परमिट की इजाजत मिले
कोल्हान प्रमंडल अंतर्गत सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल में पत्थर खनन पट्टा ईंट भट्ठा एवं बालू घाट आय का मुख्य स्रोत है. इस क्षेत्र पर रैयत बंजर भूमि पर वृहद पैमाने पर पत्थर अवस्थित है. छोटे-छोटे क्रशर मालिकों का कहना है कि रैयत बंजर जमीन पर एक समय सीमा के लिये पूर्व की भांति टीपी परमिट बिना पर्यावरणीय स्वीकृति एवं सहमति से क्षेत्र जिला खनन पदाधिकारी को निर्गत करने का अधिकार दिया जाए. इससे रैयती बंजर जमीन से राज्य सरकार को राजस्व के साथ-साथ शिक्षित बेरोजगार युवकों एवं मजदूरों को आसानी से रोजगार उपलब्ध होगा.मुख्यमंत्री को भी समस्या से अवगत कराएंगी विधायक
ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने मौके पर कहा कि इस समस्या को वे मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखेंगीं. मुख्यमंत्री अवश्य कोई न कोई नीतिसंगत समाधान निकालेंगे. उपायुक्त ने समिति सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में राज्य सरकार से पत्राचार करेंगे तथा सहयोग समिति द्वारा दिए गए ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे. मौके पर सीताराम महतो रामकेवल सिंह, ठाकुर दास महतो, गणेश गोराई, दयाल चांद महतो, पटेल महतो, रंजन कुमार समेत काफी संख्या में सहयोग समिति के सदस्य शामिल थे. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-house-taken-on-rent-in-the-name-of-running-school-not-paying-rent-for-two-years-complaint-to-dc/">जमशेदपुर: स्कूल चलाने के नाम पर भाड़े पर लिया घर, दो वर्षों से नहीं दे रहा किराया, डीसी से शिकायत [wpse_comments_template]

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