Seraikela (Bhagya sagar singh) : जिला मुख्यालय सरायकेला में जल उपभोक्ताओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में नगरपंचायत असफल रही है, नगरपंचायत द्वारा किये जा रहे पेयजल की शुद्धता पर उपभोक्ताओं को विश्वास रहा नहीं. नतीजतन शहर में निजी स्तर पर शुद्ध पेयजल आपूर्ति का व्यवसाय जोर पकड़ने लगा है. मिनरल वाटर के दो प्लांट से नगरवासी शुद्ध पेयजल खरीद कर पीने को बाध्य हैं. इसके आपूर्तिकर्ता 20 रुपये में 20 लिटर पेयजल का जार घर पहुंचा कर देते हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि आपूर्ति वाले पेयजल का सेवन करने से कई प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं होने लगी. इसीलिये अब पीने के लिये आपूर्ति वाले पानी का उपयोग बन्द करने लगे है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-chhandamalya-organized-in-tulsi-bhawan-on-19th-september/">जमशेदपुर
: तुलसी भवन में छंदमाल्य का आयोजन 19 सितंबर को नगरपंचायत क्षेत्र में तीन जलमीनारों के माध्यम स्थानीय जल उपभोक्ताओं को प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही जाती है. ये जलमीनार चार लाख, साढ़े पांच लाख एवं दो लाख लीटर क्षमता के हैं. नगरपंचायत द्वारा प्रतिमाह 60 रुपये जल कर अपने उपभोक्ताओं से लेती है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में स्थित जलशोधन संस्थान स्थापित है जहां पानी को शोधित कर आपूर्ति किया जाता है. इसके बावजूद जल की शुद्धता पर प्रश्नचिन्ह लगना समझ से परे है. [wpse_comments_template]
सरायकेला : उपभोक्ताओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में असफल है नगर पंचायत

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