Search

सरायकेला : ओड़िया सम्मीलनी ने विधायक दशरथ को सौंपा ज्ञापन

Seraikela (Ratan Singh) : ओड़िया सामाजिक संगठन उत्कल सम्मीलनी की सरायकेला-खरसावां जिला समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को विधायक दशरथ गागराई को ज्ञापन सौंपा. इसमें प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण (सेवाकालीन सहित) परीक्षा 2022 के प्रशिक्षुओं के सप्तम पत्र में ओड़िया भाषा को शामिल नहीं करने का विरोध किया गया है. प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक दशरथ गागराई को मामले की जानकारी दी. उन्होंने विधायक से मांग की कि प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण (सेवाकालिन सहित) परीक्षा 2022 के प्रशिक्षुओं के सप्तम पत्र में ओड़िया भाषा की परीक्षा में प्रशिक्षुओं को स्थान दिया जाए. ओड़िया भाषा की अनदेखी की गई है. कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों में जैक ने प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा के सातवें पत्र में ओड़िया को छोड़कर सभी क्षेत्रीय भाषा को स्थान दिया गया है. जबकि, ओड़िया भाषा राज्य की द्वितीय राजभाषा है. इससे ओड़िया समाज के लोग दुखित हैं. यह भारतीय संविधान में भाषायी अल्पसंख्यकों के लिये किये गये प्रावधानों का घोर उल्लंघन है. इसे भी पढ़ें : मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-market-decorated-for-tusu-festival-artists-engaged-in-finalizing-idols/">मनोहरपुर

: टुसू पर्व को लेकर बाजार सजा, मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे कलाकार
ज्ञापन में कहा गया है कि ओड़िया भाषा-भाषी लोग झारखंड के मूल निवासी हैं और ओड़िया भाषा संविधान की आठवीं अनुसूची से मान्यता प्राप्त भाषा है. उत्कल सम्मीलनी प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण (सेवाकालीन सहित) परीक्षा 2022 के प्रशिक्षुओं के सप्तम पत्र में ओड़िया भाषा की परीक्षा में प्रशिक्षुओं को स्थान देने की मांग की है. विधायक दशरथ गागराई ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्कल सम्मीलनी की सरायकेला-खरसावां जिला समिति की मांगों से राज्य के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री के साथ-साथ वरीय अधिकारियों को अवगत करायेंगे. ज्ञापन सौंपने वालों में उत्कल सम्मीलनी के अध्यक्ष सुमंत मोहंती, जिला परिदर्शक सुशील षाड़ंगी, उपाध्यक्ष बिरोजा पति, सचिव अजय प्रधान, सपन मंडल, कंचन चौहान, भरत चंद्र मिश्रा, जयजीत षाडंगी, गोवर्धन राउत आदि शामिल थे. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp