Seraikela (Bhagya sagar singh) : सावन की दूसरी सोमवारी को भी क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक के लिये सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है. सरायकेला शहरी क्षेत्र में लगभग 10 शिवालय हैं, साथ ही अगल बगल के गांवों में भी शिवालये हैं. इसके कारण किसी भी एक शिवालय पर बहुत अधिक भीड़ नहीं रहती. हालांकि अन्य शिवालयों के अपेक्षा खरकई नदी किनारे कुदरसाही स्थित बाबा सिद्धेश्वर महादेव एवं माजनाघाट के बाबा पंचमुखी महादेव के मंदिरों में अन्य मंदिरों की अपेक्षा भक्तों की अधिक भीड़ रहती है. इसे भी पढ़े : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-crowds-of-devotees-thronged-the-pagodas-on-the-second-monday/">किरीबुरु
: दूसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
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alt="" width="600" height="399" /> घाटों में अल्पवृष्टि का असर.[/caption] इस वर्ष अल्पवृष्टि का असर मात्र किसानों के खेतों तक ही नहीं रहा. सावन के महीने में जो खरकई उफान पर रहा करती थी, मौजूदा समय में मंदिर के घाटों में भी पानी का अभाव है. नदी के मध्य भाग से लोग जल लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं. ऐसे तो मंदिर परिसर पर जल के अन्य श्रोत हैं, लेकिन कुछ भक्तों में मान्यता है कि बहते हुए नदी का जल ही पवित्र होता है. इसे भी पढ़े : गालूडीह">https://lagatar.in/galudih-devotees-reaching-kashidanga-temple-from-the-middle-of-the-mountains-to-see-baba-bholenath/">गालूडीह
: बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहाड़ों के बीच से काशीडांगा मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालु [wpse_comments_template]
: दूसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
इस सावन में मंदिर के घाटों पर भी सुखा
[caption id="attachment_368428" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="399" /> घाटों में अल्पवृष्टि का असर.[/caption] इस वर्ष अल्पवृष्टि का असर मात्र किसानों के खेतों तक ही नहीं रहा. सावन के महीने में जो खरकई उफान पर रहा करती थी, मौजूदा समय में मंदिर के घाटों में भी पानी का अभाव है. नदी के मध्य भाग से लोग जल लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं. ऐसे तो मंदिर परिसर पर जल के अन्य श्रोत हैं, लेकिन कुछ भक्तों में मान्यता है कि बहते हुए नदी का जल ही पवित्र होता है. इसे भी पढ़े : गालूडीह">https://lagatar.in/galudih-devotees-reaching-kashidanga-temple-from-the-middle-of-the-mountains-to-see-baba-bholenath/">गालूडीह
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