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सरायकेला : सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय में पारंपरिक तरीके से मनाया गया रक्षाबंधन

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Seraikela (Bhagya Sagar Singh) : सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय में बुधवार को उत्साह और उल्लास के साथ पारंपरिक तरीके से रक्षाबंधन का उत्सव मनाया गया. इस उत्सव में विद्यालय के सभी भैया-बहन (छात्र-छात्राएं) शामिल हुए. रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए विद्यालय के बहनों ने स्वयं अपने हाथों से राखी बनाकर विद्यालय के भाइयों की कलाइयों पर बांधा. इस अवसर पर स्वनिर्मित राखी की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें सबसे उत्कृष्ट स्वनिर्मित राखी के लिए दस बहनों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-four-year-graduation-will-be-done-in-kolhan-university-from-this-year-enrollment-process-will-start/">चाईबासा

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[caption id="attachment_385687" align="aligncenter" width="503"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/saraykela-school-2.jpeg"

alt="" width="503" height="335" /> छात्राओं द्वारा स्वनिर्मित राखियों की प्रदर्शनी[/caption]

सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन करें : पार्थसारथी आचार्य

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पार्थसारथी आचार्य ने रक्षाबंधन के पौराणिक, ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व के बारे में विधयार्थियों को विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई- बहनों का एक अनोखा त्यौहार है. इसी त्योहार के कारण हमारे समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारा प्रदर्शित होता है. हमारी भारतीय सभ्यता और संस्कृति बनाए रखने में हमें मदद मिलती है. हर वर्ष सावन माह की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे भारत देश में मनाया जाता है. हम सब का यह कर्तव्य बनता है कि रक्षाबंधन की इस सांस्कृतिक परंपरा को बनाए रखते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करें. कार्यक्रम में मंच का संचालन उपप्रधानाचार्य तुषार कांत पति ने किया. [wpse_comments_template]
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