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सरायकेला : मच्छरों के प्रकोप से शहरवासी परेशान, अवरुद्ध नालियां बनी मुख्य कारण

Seraikela (Bhagya sagar singh) : सरायकेला शहरी क्षेत्र में पूरे वर्ष भर मच्छरों का प्रकोप जारी रहता है, जो गर्मी व बरसात के मौसम में काफी बढ़ जाता है. ऐसे में नगर पंचायत मच्छरों को नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल रही है. वहीं, बजबजाती नालियों व कुछ जलजमाव क्षेत्र में लार्वा नष्ट करने वाली रसायनों का छिड़काव नहीं होना इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है. मच्छर नियंत्रण के नाम पर धुआं छोड़ने वाली एक छोटी वाहन नगर पंचायत के पास है. जो कभी-कभार आवाज करती एक-दो घंटे कुछ विशेष सड़कों पर चक्कर अवश्य लगाती है, लेकिन 11 वार्डों वाली नगर पंचायत क्षेत्र पर जमे मच्छरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता. [caption id="attachment_349835" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/सरायकेला.jpg"

alt="" width="600" height="253" /> कचरों से भर कर लुप्त हो चुकी शहर की एक नाली.[/caption] इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-worker-woman-dies-after-being-hit-by-vehicle-relatives-demand-compensation-from-transporter/">आदित्यपुर

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अवरुद्ध नालियों से तेजी से पनपते हैं  मच्छर

[caption id="attachment_349837" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/seraikela-nagar-panchayat-300x287.jpg"

alt="" width="300" height="287" /> मुख्य बाजार क्षेत्र की एक अवरुद्ध नाली.[/caption] मच्छरों के प्रकोप का मुख्य कारण शहर की आधी से अधिक अवरुद्ध नालियां हैं. जो मच्छरों को तेजी से पनपने का अवसर देती है. कुछ नालियों में अगल-बगल के घरवाले अपने शौचालय टैंक का पानी भी सीधे छोड़ देते हैं, जो मच्छरों के वृद्धि में और सहायक होते हैं. ऐसा करने वालों को चिन्हित कर विधिसंगत कार्रवाई करने में नगर पंचायत असफल रही है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-women-of-existence-organization-submitted-a-memorandum-of-nine-point-demands-to-dc/">आदित्यपुर

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कुछ रसूखदारों के कारण भी अवरुद्ध है नालियां

शहरी क्षेत्र की अनेक नालियां विभिन्न तरीके से अतिक्रमित हैं. ऐसे कुछ तथाकथित रसूखदारों के कारण पूरे टोले-मोहल्ले की नालियां अवरुद्ध रहा करती हैं. यहां सरकारी भूखंड, सड़क व नालियों से अतिक्रमण हटाने का अभियान कभी-कभार रश्मी तौर पर चलाया जाता है. ऐसे अभियान का बुलडोजर कुछ ठेला खोमचा लगा कर गुजारा करने वालों पर ही चलता है. सड़क व नालियों को अवरुद्ध करने वालों तक बुलडोजर नहीं पहुंच पाती है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-fpai-hospital-running-a-quacks-without-registration-for-many-years/">जमशेदपुर

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दिन के उजाले में भी आक्रामक रहते हैं मच्छर

ऐसा नहीं है कि मच्छर केवल रात को ही निकलते हैं. यहां दिन के समय में भी ये आक्रामक रहते हैं. घर के अंदर बैठना, भोजन करना, रसोई का काम करना या विद्यार्थियों का बैठ कर पढ़ना भी कठिन हो जाता है. ऐसे में मच्छरदानी के अंदर रह कर दिनचर्या के सारे काम तो किया नहीं जा सकता. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-in-a-minor-dispute-the-owner-of-the-medical-store-beat-the-young-man-to-death/">आदित्यपुर

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