Seraikela (Bhagya Sagar Singh) : क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में चलने वाले मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) के तहत स्कूलों को जुलाई महीने से अभी तक मध्याह्न भोजन की राशि नहीं मिली है. चावल तो मिले हैं पर गैस, तेल, मसाले सब्जियां इत्यादि क्रय के लिये मिलने वाली राशि प्राप्त नहीं हुई है. संबंधित विद्यालय के शिक्षक अपने नाम से उधार खाता में लिखा कर या वस्तुएं खरीद कर मध्याह्न भोजन चला रहे हैं. इसे भी पढ़े : चिरिया">https://lagatar.in/chiriya-on-the-verge-of-collapsing-coastal-houses-due-to-flood-erosion-in-koyna-river/">चिरिया
: कोयना नदी में आई बाढ़ के कटाव से तटवर्ती घर धंसने के कगार पर
: बाढ़ में बह कर नदी में आए बालू पर जमी है माफियाओं की गिद्ध दृष्टि [wpse_comments_template]
: कोयना नदी में आई बाढ़ के कटाव से तटवर्ती घर धंसने के कगार पर
विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार कराई जाती है राशि उपलब्ध
मिली जानकारी के अनुसार मध्याह्न भोजन के मद में विद्यालयों को कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के लिये प्रतिदिन एक विद्यार्थी पर 4 रुपये 97 पैसे व कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिये प्रतिदिन एक विद्यार्थी पर 7 रुपये 45 पैसे की राशि विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार उपलब्ध कराई जाती है. किसी भी कारण से यह राशि समय पर नहीं मिल पाने से संबंधित विद्यालय के शिक्षकों के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न हो जाती है. कारण हर हाल में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करनी ही पड़ती है. इसे भी पढ़े : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-the-vulture-sight-of-the-mafia-is-frozen-on-the-sand-that-came-in-the-river-after-being-washed-away-in-the-flood/">सरायकेला: बाढ़ में बह कर नदी में आए बालू पर जमी है माफियाओं की गिद्ध दृष्टि [wpse_comments_template]
Leave a Comment