: मानुषमुड़िया दुर्गा पूजा कमेटी धूमधाम से इस वर्ष पूजा करेगी आयोजित
पूर्व की अपेक्षा काफी कम मात्रा में मछली पालक छोड़ रहे हैं स्पॉन
जून महीने से ही मछली पालक अपने तालाबों को दुरुस्त करने व मछली जीरा छोड़ने की तैयारी कर लेते हैं. पूरे जुलाई महीने वे इसी कार्य में लगे रहते हैं. लेकिन इस वर्ष असमय हुई वर्षा ने मछली पालन व्यवसाय को बहुत अधिक प्रभावित किया है. मत्स्य पालकों को सही समय पर पानी के अभाव में मछली जीरा स्टॉक करने में भी सफलता नहीं मिली है. वहीं, अगस्त महीने में हुई बारिश के बाद मछली पालक स्पॉन छोड़ रहे हैं, पर पूर्व की अपेक्षा काफी कम मात्रा में. इसका असर व्यवसाय से जुड़े लोगों के रोजगार पर तो पड़ेगा ही साथ ही आने वाले समय में लोकल उत्पादित ताजा मछली की उपलब्धता भी बाजार में कम रहेगी. इसे भी पढ़े : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-private-hospitals-shying-away-from-treating-patients-of-ayushman-scheme/">किरीबुरु: आयुष्मान योजना के मरीजों का इलाज करने से कतरा रहे निजी अस्पताल [wpse_comments_template]

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