Seraikela (Bhagya Sagar Singh) : सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र के सफाईकर्मियों के अथक परिश्रम का ही नतीजा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के नगर पंचायत प्रतियोगिता में सरायकेला नगर पंचायत सूबे भर में प्रथम स्थान पर रहा. शहरी क्षेत्र के स्वच्छता को आगे भी बरकरार रखने में लगे सफाई पर्यवेक्षक एवं सफाई कर्मी इन दिनों क्षेत्र के कुछ तथाकथित वीआईपी से परेशान हैं. जनसंख्या घनत्व एवं घरों की संख्या के आधार पर नप कार्यालय द्वारा पूरे क्षेत्र में डस्टबिन लगाए गए थे. प्रतिदिन डस्टबिन में इकठ्ठे कूड़े निकाल कर साफ कर दिए जाते हैं. क्षेत्र के कुछ तथाकथित प्रभावशाली लोग अपने घरों के इर्द गिर्द लगे डस्टबिन को गायब करवा दिए हैं. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-memorandum-was-given-a-year-ago-to-repair-the-damaged-pipeline/">चाईबासा
: क्षतिग्रस्त पाइप लाइन ठीक करने के लिए एक साल पूर्व दिया था ज्ञापन प्रतिदिन ये अपने घरों से निकाले गए कचरे अपने नौकरों द्वारा कुछ दूर दूसरे के घरों के सामने फिंकवाते हैं. जहां कचरे फेंके जाते हैं परेशानी वहां के निकट घरवालों सहित बिखरे कचरों को बटोरने में सफाईकर्मियों को होती है. वोट बैंक असंतुलित होने के भय से इस विषय पर नगरपंचायत के जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साध रखे हैं. इस संबंध में नगर पंचायत के अधिकारियों से सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि डस्टबिन की कहीं कमी है तो वहां तुरन्त उपलब्ध करवा दिया जाएगा. [wpse_comments_template]
सरायकेला : शहर की स्वच्छता में बाधक बन रहे तथाकथित वीआईपी, सफाईकर्मी परेशान

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